कौन हैं बिहार के साकिब हुसैन? जिन्होंने IPL डेब्यू में ही झटके 4 विकेट, कभी जूते खरीदने के लिए नहीं थे पैसे…

Saqib Hussain: 21 वर्षीय साकिब हुसैन का जन्म 14 दिसंबर 2004 में बिहार के गोपालगंज जिले में हुआ. वह एक साधारण किसान परिवार से तालुक रखते हैं.
Saqib Hussain

साकिब हुसैन

Saqib Hussain: इंडियन प्रीमियर लीग हमेशा से ही युवा खिलाड़ियों के सबसे बड़ा मंच माना जाता है, जहां हर सीजन कोई नया सितारा उभरकर सामने आता है. आईपीएल 2026 में भी एक ऐसा ही नाम सुर्खियों में आ गया, जिसने अपने डेब्यू मैच में ही धमाका मचा दिया है. हम जिस खिलाड़ी की बात कर रहे हैं, ये कोई और नहीं बल्कि बिहार के साकिब हुसैन है, जिन्होंने अपने डेब्यू मैच में ही शानदार प्रदर्शन कर सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया.

कौन है साकिब हुसैन?

21 वर्षीय साकिब हुसैन का जन्म 14 दिसंबर 2004 में बिहार के गोपालगंज जिले में हुआ. वह एक साधारण किसान परिवार से तालुक रखते हैं. उनके पिता एक किसान हैं और आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने अपने बेटे का क्रिकेट खेलने का सपना टूटने नहीं दिया. घरेलू क्रिकेट में साकिब ने शानदार प्रदर्शन किया. साल 2014 में साकिब ने बिहार के लिए शानदार खेल दिखाया. इसके बाद आईपीएल 2024 के लिए केकेआर ने उन्हें 20 लाख रुपए में खरीदा था. हालांकि उस सीजन में उन्हें डेब्यू का मौका नहीं मिला था.

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डेब्यू मैच में ही झटके 4 विकेट

आईपीएल 2026 के लिए सनराइजर्स हैदराबाद ने साकिब हुसैन को 30 लाख रुपये में खरीद कर अपनी टीम में शामिल किया. इस सीजन उन्हें राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ डेब्यू का मौका भी मिला, जिसे उन्होंने बखूबी भुना. अपने डेब्यू मैच में ही उन्होंने राजस्थान के बल्लेबाजों की कमर तोड़ दी और 4 विकेट ले डाले. साकिब उन युवाओं में से एक है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं. आईपीएल ने उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका दिया और उन्होंने साबित कर दिया टैलेंट किसी पहचान का मोहताज नहीं होता.

कभी जूते खरीदने के लिए नहीं थे पैसे

कोलकाता नाइट राइडर्स द्वारा शेयर किए गए एक पुराने वीडियो में 21 वर्षीय इस तेज गेंदबाज ने अपनी कहानी बताई. उन्होंने बतीय की एस समय ऐसा भी था, जब उनके पास बॉलिंग स्पाइक्स वाले जूते खरीदने के लिए पैसे नहीं थे, क्योंकि अगर वह जूते खरीदते तो उनके पास खाना तक खाने के पैसे नहीं बचते. उनकी मां सुबुक्तरा खातून को जब यह बात पता चली तो वह रोने लगी. फिर साकिब की मां ने अपने गहने बेच कर उन्हें जूते दिलाए.

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