Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में आज से तहसीलदार और नायब तहसीलदार अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे. दरअसल, नायब तहसीलदार तुषार मानिक से मारपीट मामले में प्रदर्शन के बाद भी विधायक रामकुमार टोप्पो की गिरफ्तारी नहीं होने पर हड़ताल किए जाएगा.
Ambikapur: अंबिकापुर में निजी अस्पतालों के डॉक्टरों की मनमानी लगातार बढ़ती जा रही है उनके द्वारा ऐसी कंपनियों की दवाइयां लिखी जा रही हैं जो सिर्फ उनके अस्पताल के फार्मेसी सेंटर में ही उपलब्ध है और ऐसे में दूर दराज के मरीज जब इन डॉक्टरों से इलाज कराकर वापस जाते हैं और फिर दवाइयों की जरूरत पड़ती है.
Ambikapur: सीतापुर से बीजेपी विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों पर नायब तहसीलदार तुषार मानिक की पिटाई का आरोप लगा है. नायब तहसीलदार के आवेदन पर पुलिस ने विधायक राम कुमार टोप्पो समेत 10 लोगों पर FIR दर्ज की है.
Ambikapur: सरगुजा जिले के मैनपाट के कुनिया ग्राम पंचायत के जंगल पारा में रहने वाले लोगों को साफ पानी पीने के लिए नहीं मिल पा रहा है. यहां के लोग नाला के किनारे छोटा सा जल स्रोत बनाकर उसके पानी को पीने के लिए उपयोग में ला रहे हैं.
CG News: सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो का एक अलग और जनसरोकार से जुड़ा अंदाज उस समय देखने को मिला. जहां वे मांगरी इलाके में किसानों के बीच पहुंचे और चबूतरे में बैठकर उनकी समस्या सुनी.
Ambikapur: छत्तीसगढ़ की सरगुजा जिले के में मैनपाट की सास बहू का जो वीडियो वायरल हुआ है. विस्तार न्यूज़ जब सुखमनिया के घर पहुंची तो पता चला कि सुखमनिया के पति के नाम पर प्रधानमंत्री आवास के तहत मकान स्वीकृत हुआ, मकान अब भी अधूरा पड़ा हुआ है.
Ambikapur: सरगुजा के धौरपुर वन परिक्षेत्र में वन विभाग के अधिकारी और मैदानी अमला के लापरवाही की वजह से हाथी प्रभावित लोगों को कई साल बीत जाने के बाद भी कई पीड़ित परिवारों को अभी तक मुआवजा की राशि नहीं मिली है.
Ambikapur: अंबिकापुर में लगातार तापमान बढ़ता जा रहा है. पारा 43 डिग्री को पार कर चुका है तो दूसरी तरफ बिजली की कटौती से लोग परेशान हो गए हैं, 24 घंटे के भीतर 24 बार से अधिक बिजली कट रही है. जिससे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है.
Ambikapur Municipal Corporation: अंबिकापुर नगर निगम के कमिश्नर डीएम कश्यप का कहना है कि बोर्डिंग लगाने के लिए ठेका हुआ था लेकिन अनुबंध हुआ है या नहीं उन्हें इसकी जानकारी नहीं है.
Ambikapur: अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र के 48 में से 24 वार्डों में ठेका पद्धति से संचालित सफाई व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह संकट में है. पिछले 19 महीनों से सफाई ठेकेदारों को भुगतान नहीं मिलने के कारण ठेकेदार मजदूरों को वेतन देने में असमर्थ हो गए, जिससे सफाई कर्मियों ने हड़ताल शुरू कर दी है.