दिल्ली की राजनीति में बीजेपी और कांग्रेस पहले से ही आतिशी के खिलाफ नैरेटिव गढ़ने की कोशिश में जुटे हैं. बीजेपी ने पहले ही बांसुरी स्वराज को दिल्ली में राजनीतिक मोर्चे पर उतारा है. बांसुरी स्वराज, सुषमा स्वराज की बेटी हैं, और उनके राजनीति में आने से दिल्ली की राजनीति में एक नया मोड़ आया है. हालांकि, आतिशी को टारगेट करना विपक्ष के लिए उतना आसान नहीं होगा, क्योंकि वह एक मजबूत महिला नेता के रूप में उभर रही हैं.
Delhi CM Atishi: दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर विजय कुमार सिंह और तृप्ता वाही के घर जन्मी आतिशी ने अपनी आर्किटेक्चरल शिक्षा नई दिल्ली के स्प्रिंगडेल्स स्कूल से और इतिहास की पढ़ाई सेंट स्टीफंस कॉलेज से पूरी की हैं.
Arvind Kejriwal: अरविंद केजरीवाल ने चुनाव आयोग से मांग की थी कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के साथ ही दिल्ली में भी विधानसभा चुनाव कराए जाएं. हालांकि केजरीवाल की इस मांग पर अमल होना काफी मुश्किल है.
Delhi Chief Minister: आतिशी ने केजरीवाल के फैसले को दुनिया के लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे बड़ा फैसला बताया. भाजपा पर निशाना साधते हुए आतिशी बोलीं, 'उन्होंने सारी एजेंसियां अरविंद जी के पीछे लगा दीं.
2022 में पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले, आम आदमी पार्टी ने सिंबल पॉलिटिक्स की शुरुआत की थी. पार्टी ने अपने पोस्टरों में भगत सिंह और बाबा साहेब अंबेडकर की तस्वीरें दिखाई. इसका उद्देश्य था भगत सिंह के समर्थकों और अंबेडकर के अनुयायियों को एक साथ जोड़ना.
रघुराज सिंह ने राहुल गांधी को भारत का सबसे बड़ा आतंकवादी और अरविंद केजरीवाल को दूसरे नंबर का आतंकवादी बताया है. उनके अनुसार, राहुल गांधी भारत को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं और उन्हें इटली से लुटेरे के रूप में भारत में लूटने के लिए भेजा गया है.
इस संभावित मुलाकात से पहले अरविंद केजरीवाल के निवास पर आज आम आदमी पार्टी (AAP) की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) की बैठक हुई. इस बैठक में पार्टी के सभी बड़े नेता मौजूद रहे.
Delhi Chief Minister: दिल्ली का मुख्यमंत्री कौन होगा इसे लेकर आम आदमी पार्टी के भीतर सिर्फ़ अटकलें चल रही हैं. सोमवार को मीडिया से बातचीत करने पहुंचे सौरभ भारद्वाज से जब पूछा गया कि सीएम कौन बनेगा तो उन्होंने कहा कि जितना आप मीडियाकर्मियों को जानकारी है, उतना ही मुझे भी है.
Delhi Chief Minister: मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जिस मर्यादा के नाम से सतयुग में भगवान राम ने अपना सिंहासन छोड़ा था, आज ऐसा उदाहरण दिख रहा है कि मर्यादा और नैतिकता के नाम पर अरविंद केजरीवाल ने इस्तीफा दे दिया है.
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस विवाद के चलते दिल्ली की राजनीति में आगामी घटनाक्रम पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा. अरविंद केजरीवाल की इस्तीफे की घोषणा और बीजेपी के आरोप इस बात का संकेत हैं कि राजनीति में नए मोड़ आ सकते हैं.