अरविंद केजरीवाल ने अपने भाषण में अन्ना आंदोलन की याद दिलाई, जो 4 अप्रैल 2011 को जंतर मंतर से शुरू हुआ था. उन्होंने कहा कि तब की सरकार ने चुनौती दी थी कि चुनाव लड़कर दिखाओ, जिसे उन्होंने स्वीकार किया और जीत भी दर्ज की.
Arvind Kejriwal: सीएम अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा, "10 साल के बाद मैंने सीएम के पद से इस्तीफा दिया है. कुछ देर में मुख्यमंत्री आवास भी छोड़ दूंगा. आज दिल्ली में रहने के लिए मेरे पास घर भी नहीं है."
केजरीवाल ने कहा कि हरियाणा में आगामी चुनावों में उनकी पार्टी एक प्रमुख भूमिका निभाएगी. उन्होंने कहा, "हरियाणा में AAP के बिना कोई सरकार नहीं बन पाएगी." दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद यह केजरीवाल का पहला बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम था.
राघव चड्ढा ने जानकारी दी कि उन्होंने इस विषय में नोडल मिनिस्ट्री को पत्र भी लिखा है. उन्होंने कहा, "हमने नोडल मिनिस्ट्री को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि अरविंद केजरीवाल जी को सरकारी आवास उपलब्ध कराया जाए."
अरविंद केजरीवाल ने इसे दिल्ली की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है. केजरीवाल ने अपने इस्तीफे की वजह बताते हुए कहा कि वह लोगों के फैसले का सम्मान करते हैं और उनकी राजनीति की ईमानदारी पर विश्वास करते हैं.
Arvind Kejriwal: दिल्ली में पूर्व सीएम को ना घर मिलता है और ना ही गाड़ी, सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद केजरीवाल सिर्फ एक विधायक रह जाएंगे और दिल्ली में विधायकों को भी ना तो घर मिलता है और ना ही गाड़ी. सिर्फ सैलरी मिलती है.
Arvind Kejriwal: आप के एक पदाधिकारी ने कहा, “दिल्ली आप की जन्मभूमि होने के साथ-साथ प्रयोगशाला भी है. सीएम पद से इस्तीफा देकर केजरीवाल ने विधानसभा चुनावों के लिए दांव बढ़ा दिया है.
अब जब आतिशी मुख्यमंत्री बनने जा रही हैं, तो सवाल यह उठता है कि क्या उनकी भूमिका सिर्फ एक नाममात्र की होगी? क्या वे केवल एक प्रतीक बनकर रह जाएंगी और असली निर्णय अरविंद केजरीवाल ही लेंगे?
दिल्ली की राजनीति में बीजेपी और कांग्रेस पहले से ही आतिशी के खिलाफ नैरेटिव गढ़ने की कोशिश में जुटे हैं. बीजेपी ने पहले ही बांसुरी स्वराज को दिल्ली में राजनीतिक मोर्चे पर उतारा है. बांसुरी स्वराज, सुषमा स्वराज की बेटी हैं, और उनके राजनीति में आने से दिल्ली की राजनीति में एक नया मोड़ आया है. हालांकि, आतिशी को टारगेट करना विपक्ष के लिए उतना आसान नहीं होगा, क्योंकि वह एक मजबूत महिला नेता के रूप में उभर रही हैं.
Delhi CM Atishi: दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर विजय कुमार सिंह और तृप्ता वाही के घर जन्मी आतिशी ने अपनी आर्किटेक्चरल शिक्षा नई दिल्ली के स्प्रिंगडेल्स स्कूल से और इतिहास की पढ़ाई सेंट स्टीफंस कॉलेज से पूरी की हैं.