वार्ड में पहुंचकर मंत्री राकेश शुक्ला ने खुद ही मरीजों से बातचीत कर उनका हाल जाना. इस दौरान जिला अस्पातल की व्यवस्थाओं की पोल खुल गई.
कलेक्ट्रेट के पिलरों की दरारें उस लापरवाही की गवाही दे रही हैं, जो निर्माण से लेकर बाद की देख रेख तक हर जगह साफ महसूस होती है. कलेक्ट्रेट की यह हालत लोगों में हैरानी के साथ गुस्सा भी पैदा कर रही हैं.