बहस बढ़ते ही रामजी के दो भाई धीरेन्द्र चौरहा और श्यामजी चौरहा भी मौके पर पहुंच गए. तीनों ने मिलकर वन रक्षक को गालियां दीं. आरोप है कि श्यामजी ने वन रक्षक का कॉलर पकड़कर वर्दी फाड़ दी, वहीं रामजी और धीरेन्द्र ने डंडों से उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया.