भंडारी ने वक्फ बोर्ड के संदर्भ में कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 2013 में वक्फ को इतना सशक्त कर दिया था कि वह गरीबों, किसानों और यहां तक कि सरकारी ज़मीनों को भी वक्फ भूमि के रूप में पहचानने लगे थे.
दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान चुनाव आयोग कभी भी कर सकता है. इससे पहले बीजेपी ने एक प्लानिंग की है. बीजेपी के प्रवक्ता सुधांशू त्रिवेदी ने कहा कि उनकी पार्टी हर दिन AAP सरकार की एक नई 'आपदा' का खुलासा करेगी.
CG News: छत्तीसगढ़ में बीजेपी के जिलाध्यक्षों के नामों का ऐलान हुआ है. जिसमें श्याम नारंग को रायपुर ग्रामीण और रमेश ठाकुर रायपुर शहर की जिम्मेदारी दी गई है.
बीजेपी दिल्ली में अपनी सत्ता की वापसी के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. पार्टी के पास एक मजबूत संगठनात्मक ढांचा और चुनावी अनुभव है, जो उसे राजधानी की राजनीति में अपनी मौजूदगी बनाए रखने में मदद कर सकता है.
Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश में BJP संगठन चुनाव की तैयारी तेज हो चुकी है. इस बीच पार्टी ने देश के 29 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रदेश अध्यक्षों के लिए चुनाव अधिकारियों का ऐलान कर दिया है. केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को मध्य प्रदेश की जिम्मेदारी मिली है.
दिल्ली की सियासत में केवल पार्टी का नहीं, बल्कि व्यक्तिगत नेताओं का भी बड़ा महत्व है. 1993 में जब बीजेपी ने मदनलाल खुराना को मुख्यमंत्री बनाया, तो पार्टी को जीत मिली, लेकिन फिर पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर उथल-पुथल का सिलसिला शुरू हुआ.
दिल्ली विधानसभा चुनावों में इस बार दोनों ही दलों के बीच राजनीतिक माहौल बेहद गर्म हो गया है. भाजपा और AAP ने चुनावी प्रचार का नया तरीका अपनाया है, जिसमें शब्दों के साथ-साथ पोस्टरों और विज्ञापनों का इस्तेमाल भी किया जा रहा है.
केजरीवाल ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि बीजेपी वोटर लिस्ट में दखलअंदाजी कर रही है. उनका कहना है कि चुनाव आयोग ने हाल ही में दो महीने तक घर-घर जाकर मतदाता पहचान पत्रों को अपडेट किया था, लेकिन अब केवल 15 दिनों में हजारों नए नाम किस प्रकार से जुड़े हैं?
Delhi Election: दिल्ली सरकार के विभाग ने 2100 रुपए की घोषणा के मामले में एलजी सचिवालय ने डिविजनल कमिश्नर से जांच करने को कहा है. सचिवालय ने कहा है कि किस तरह गैर सरकारी लोग लोगों का निजी डेटा इकट्ठा कर रहे हैं.
कांग्रेस की ओर से जारी चुनावी पोस्टर से कथित तौर पर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को अलग कर दिया गया था. बीजेपी ने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि कांग्रेस का यह कदम भारत की एकता और अखंडता पर सीधा हमला है.