रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि शराब तस्करी रोकने के लिए विभाग ने उचित कदम नहीं उठाए. आधुनिक तकनीकों, जैसे डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग नहीं किया गया, जिससे तस्करी पर काबू नहीं पाया जा सका. इसके अलावा, 65% जब्त की गई शराब देसी शराब थी, जो दिखाता है कि अवैध शराब का कारोबार बड़े पैमाने पर चल रहा था.
Bihar Politics: आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार दौरे पर पहुंचे हैं. इस दौरान PM मोदी ने RJD सुप्रीमो लालू यादव पर जम कर निशाना साधा. PM के साथ भागलपुर की मंच पर CM नीतीश कुमार भी मौजूद रहे. PM और CM ने मिल कर विपक्ष पर बयानों के तीर छोड़े. PM मोदी के इस दौरे से बिहार चुनाव का बिगुल बज चूका है.
विधानसभा में इस मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ. AAP विधायक इस कदम को अपमानजनक मानते हुए विरोध कर रहे थे. विपक्षी नेता आतिशी ने कहा कि सीएम रेखा गुप्ता के दफ्तर से आंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीरें हटाना संविधान निर्माता और शहीदों का अपमान है.
कैबिनेट मीटिंग में आयुष्मान भारत योजना को दिल्ली में लागू करने पर मुहर लगी है और साथ ही विधानसभा के पटल पर कैग की रिपोर्ट पेश करने पर भी मुहर लगी है.
पंकज सिंह को मंत्रिपद देना एक बड़ी चुनावी रणनीति का हिस्सा है. पूर्वांचली वोट बैंक को साधने के लिए बीजेपी ने पंकज कुमार सिंह जैसे स्थानीय और समर्पित नेताओं को प्राथमिकता दी है.
रेखा गुप्ता के सामने दूसरा बड़ा वादा आयुष्मान भारत योजना को लागू करने का होगा. 2018 में शुरू हुई इस योजना को दिल्ली में लागू नहीं किया गया था, लेकिन अब रेखा गुप्ता की सरकार इस योजना को लागू करने का वादा करेगी.
दिल्ली के सीएम के लिए चुने गए उम्मीदवार को एक रोडमैप तैयार करने का निर्देश भी दिया गया था, जिसमें 90 दिन की योजना बनाई गई थी. बीजेपी ने अपने संभावित मुख्यमंत्री और मंत्रियों से यह पूछा कि यदि उन्हें यह जिम्मेदारी दी जाती है, तो वे पहले 15 दिनों में क्या करेंगे?
CG News: पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिहदेव ने प्रदेश अध्यक्ष बनने की इच्छा जताई है. इसे लेकर उन्होंने बड़ा बयान दिया है.
बीजेपी का शक्ति प्रदर्शन: एनडीए के साथ एकजुटता की लहर बीजेपी ने शपथ ग्रहण समारोह को सिर्फ एक राजनीतिक इवेंट के रूप में नहीं, बल्कि एक शक्ति प्रदर्शन के रूप में तैयार किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, एनडीए के घटक दलों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, सबको बुलाकर बीजेपी ने इस समारोह को एक 'पॉलिटिकल इवेंट' की जगह 'शक्ति प्रदर्शन' में बदल दिया है.