हाईकोर्ट ने राज्य प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताई. कोर्ट ने कहा कि अवमानना के मामलों में अधिकारी पूरी तरह निष्क्रियता दिखा रहे हैं. कोर्ट ने माना कि निर्धारित समय में आदेश का पालन नहीं किया गया और इसके बाद भी अनुपालन रिपोर्ट पेश नहीं की गई. ऐसे में अधिकारियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है.