स्कूलों में शिक्षकों की कमी लंबे समय से चिंता का विषय रही है. ऐसे में बड़ी संख्या में शिक्षकों का प्रशासनिक दफ्तरों में अटैच रहना लगातार सवालों के घेरे में था. अब विभाग ने उन्हें वापस स्कूल भेजने का फैसला लिया है.
स्कूल संचालकों ने चेतावनी देते हुए कहा कि आज गांधीवादी तरीके से प्रदर्शन किया है. अगर विभाग अपने आदेश को निरस्त नहीं करेगा तो इसके खिलाफ हम आंदोलन करेंगे.
अब प्रशासन ने इन वित्तीय गड़बड़ियों को ठीक करने के लिए कठोर कदम उठाए हैं और संबंधित राशि की वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी है.