शिवपुरी में स्थापित होने वाला यह अत्याधुनिक संयंत्र क्षेत्र को देश के प्रमुख रक्षा विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करेगा. ग्वालियर में पहले से संचालित स्मॉल आर्म्स मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स और शिवपुरी के इस नए एडवांस्ड डिफेंस प्लांट के साथ पूरे ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में एक सशक्त डिफेंस इकोसिस्टम विकसित होगा.
विधायक ने कहा कि हम इनकी मंशा को कभी पूरा नहीं होने देंगे. ये कारखाना हमारे पुरखों की धरोहर है. इसे उन्होंने अपने खून पसीने से सींचा है. इसे हम बिकने नहीं देंगे.
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, ' 'मैं दूसरे दलों की टिप्पणी नहीं करूंगा. मैं उस घोड़े की तरह हूं. जिसकी आंखों पर विकास का ब्लिंकर लगा है. विकास और प्रगति का वही मेरा लक्ष्य है. एक फिनिश लाइन है, मुझे पीएम मोदी के नेतृत्व में उसी में लगना है.'
पीड़ित युवक का कहना है कि शादी के दूसरे दिन ही लड़की घर से कैश और जेवर लेकर भाग गई. समाज में काफी बेइज्जती हो गई है. युवक को नीलेड्रम जैसी घटना का डर सता रहा है. युवक को शक है कि युवती का किसी और युवक के साथ अफेयर है.
Morena News: पुल की एप्रोच रोड के नीचे बनी सुरक्षा दीवारों में भी बड़ी-बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं. इन दरारों को छिपाने के लिए कुछ स्थानों पर सीमेंट-रेत भर दिया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है. ग्रामीणों को आशंका है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो दीवार कभी भी ढह सकती है.
ग्वालियर: मुंबई के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी और तान्या मित्तल के बीच चल रहे विवाद में अब नया मोड़ आ गया है.
MP News: ग्वालियर के प्रसिद्ध अचलेश्वर महादेव मंदिर की दान पेटियां खुलीं तो उनमें सिर्फ लाखों रुपये का चढ़ावा ही नहीं मिला, बल्कि श्रद्धालुओं की भावनाओं से भरी दर्जनों मन्नतों की पर्चियां भी सामने आईं.
Tuition Teacher Harassment Case: पीड़ित छात्रा बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के तिकोनिया इलाके की रहने वाली है और वर्तमान में कक्षा 10वीं में पढ़ रही है. जानकारी के अनुसार, जब छात्रा कक्षा चौथी में थी, तब उसके माता-पिता ने ब्रजेश धाकड़ नाम के एक शिक्षक को घर पर ट्यूशन पढ़ाने के लिए बुलाना शुरू किया था, ताकि उनकी बच्ची को अच्छी शिक्षा मिल सके.
Gwalior: ग्वालियर से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां पर अपनी सुहागरात के दिन ही दुल्हन छत से कूदकर भाग गई, बाद जो हुआ वह आप सोच भी नहीं सकते.
मुरैना समेत चंबल के इलाकों में सेना से रिटायर होने के बाद अक्सर देखा जाता है कि जवानों द्वारा इस तरह की फायरिंग की जाती है.