वहीं पूरे मामले पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय ऋषेश्वर ने सफाई दी है. उन्होंने कहा कि इसमें स्वास्थ्य विभाग की किसी भी तरह कोई लापरवाही नहीं है. एंबुलेंस मौजूद थी. लेकिन घायल अपनी मर्जी से निजी वाहन से गए थे.
Shivpuri News: जानकारी के अनुसार, बुधवार को नरवर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर भवन में करैरा विधायक रमेश खटीक ने जनसमस्याओं के निराकरण के लिए जनचौपाल आयोजित की थी. इस दौरान पोहरी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम नानकपुर और बरखाड़ी के कुछ ग्रामीण भी अपनी शिकायत लेकर पहुंचे.
108 एंबुलेंस में अक्सर अनियमितता की शिकायतें आती हैं. कई बार एंबुलेंस कर्मियों के देर से पहुंचने और लापरवाही करने से मरीजों की जान तक चली जाती है. कई बार सोशल मीडिया पर एंबुलेंस में लापरवाही के वीडियो भी सामने आते हैं.
Morena News: पीड़ित ने बताया कि पहले थाना पुलिस ने उसकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की. बाद में पुलिस अधीक्षक के हस्तक्षेप के बाद एफआईआर दर्ज हुई, लेकिन ट्रॉली अब तक वापस नहीं मिल सकी. लगातार जनसुनवाई में शिकायत करने के बाद एसपी के निर्देश पर दोनों पक्षों को मंगलवार को रामपुरकला थाने बुलाया गया.
Gwalior Telecom Infrastructure Project: बता दें कि कलेक्टर रुचिका चौहान द्वारा इस जमीन को राजस्व विभाग के नाम दर्ज कराने का आदेश दिया गया है. जानकारी के अनुसार, पहले यह भूमि 'विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण' (साडा) की माधवराव काउंटर मैग्नेट सिटी को विकास योजनाओं के लिए आवंटित की गई थी.
मामले में कोर्ट का फैसला आने के बाद मंगलवार को स्टेशन रोड थाना पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए बेदखली की कार्रवाई की.
पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान और तलाश में जुटी हुई है. यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की गायत्री कॉलोनी स्थित रेनबो पब्लिक स्कूल की बताई जा रही है.
Gwalior Crime News: घायल महिला के पति रवि जाटव का कहना है कि आरोपी जगदीप सिंह पहले उनकी पत्नी से बातचीत करता था. करीब एक साल पहले दोनों के बीच बातचीत का पता चलने पर परिवार ने इसका विरोध किया और महिला ने आरोपी से संपर्क खत्म कर दिया था.
Ladli Behna Yojana: महिला एंव बाल विकास विभाग ने एडवाइजरी जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि फिलहाल योजना के तहत नए आवेदन या किसी प्रकार से पंजीयन नहीं किए जा रहे हैं.
Morena News: गौरतलब है कि विद्यालय की गंभीर लापरवाहियां उजागर हुई थीं. विद्यालय परिसर में पानी की टंकी होने के बावजूद उसमें पानी की व्यवस्था नहीं थी, जिसके कारण मासूम छात्र-छात्राओं को पीने के पानी के लिए करीब 200 मीटर दूर सड़क पार करनी पड़ रही थी.