एंबुलेंस से उतरते ही डॉक्टरों ने शव को स्ट्रेचर पर लिटा दिया और वहीं पर बिना किसी पर्दे या फिर शेड के चीर-फाड़ शुरू कर दी. इस दौरान कुछ पुलिसकर्मी भी मौजूद दिखाई दिए. खुले में पोस्टमार्टम करते समय तेजी से दुर्गंध भी आ रही थी, लेकिन डॉक्टर नहीं रुके.
रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ रेस्पिरेटरी 35 करोड़, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और आर्थोपेडिक्स 42 करोड़ और कैंसर उपचार के लिए नई मशीनें 30 करोड़ रुपये के प्रस्ताव आए हैं.