बताया जा रहा है कि खुदाई के दौरान गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे गैस रिसाव शुरू हुआ. कुछ ही देर बाद गैस ने आग पकड़ ली और जोरदार धमाका हो गया. विस्फोट के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए.
चिंटू चौकसे के इस्तीफे के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिस तरह झूठ और भ्रम की राजनीति के जरिए शहर की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा था.
Indore Neet Student: इंदौर की नीट छात्रा निक्की यादव का शव खरगोन में नर्मदा नदी से मिला है. परीक्षा देने के बाद से छात्रा लापता थी. पुलिस ने आत्महत्या की आशंका जताई है. पुलिस ने कहा है कि पोस्टमोर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा होगा.
मामा-भांजे ने मिलकर नाबालिग को झांसा देकर अपने साथ भगा ले गए थे. जिसके बाद 20 दिनों से दोनों फरार चल रहे थे.
प्रबंधन के अनुसार किसी बच्चे के अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी नहीं है, लेकिन स्कूल की मेल आईडी पर 30 से 35 अभिभावकों के ईमेल प्राप्त हुए हैं, जिनमें बच्चों के बीमार होने की शिकायत दर्ज कराई गई है.
Indore: इंदौर में एक भूमिपूजन कार्यक्रम में पहुंचे नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का बयान इन दिनों चर्चा के केंद्र में बना हुआ है. उन्होंने कहा है कि हम काफिर है तो हमारी बनाई सड़क पर मत चलो.
Indore Fake Neet Paper: पुलिस के मुताबिक आरोपी परीक्षा से पहले इंस्टाग्राम पर आकर्षक पोस्ट डालकर छात्रों को अपनी ओर आकर्षित करता था. पोस्ट को लाइक या फॉलो करने के बाद छात्रों को उसके बायो में दिए गए लिंक तक पहुंचने के लिए प्रेरित किया जाता था.
Indore News: पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने महाप्रबंधक अनुराग वर्मा को कॉल किया. अधिकारी को दो टूक शब्दों में कहा कि सरकार को लगता है कि नियमों का उल्लंघन हो रहा है तो मेरा वेयरहाउस खाली करा दो. इसके साथ ही पटवारी ने कहा कि वे किसी के दवाब में नहीं झुकेंगे.
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक धार सचिन शर्मा द्वारा तत्काल मौके पर आकर घटनास्थल का निरीक्षण किया. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उत्तर पारुल वेलापुरकर के नेतृत्व में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस अरविन्द सिंह तोमर के नेतृत्व में घटना की पतारसी हेतु एसआईटी का गठन किया गया था.
NEET UG परीक्षा में लगातार हो रहे पेपर लीक से छात्र ही नहीं अभिभावक भी टूट रहे हैं. बदनावर तहसील के कानवन गांव के रहने वाले जितेंद्र सोलंकी अपनी बेटी को लेकर री-एग्जाम सेंटर पहुंचे. मीडिया से बात करते हुए उनका दर्द छलक पड़ा.