kanker: पुलिस को बीते कुछ दिनों से प्रतिबंधित और गैर कानूनी सीपीआई माओवादी संगठन के उत्तर बस्तर सब जोनल ब्यूरो के सीनियर माओवादी कैडर प्रभाकर राव की गतिविधि जिला कांकेर क्षेत्र में होने की जानकारी मिल रही थी.
Kanker News: कांकेर जिले के पखांजूर इलाके मे बाईक एम्बुलेंस सुविधा दम तोड़ चुकी है. क्यूंकि सरकार द्वारा प्रदान कि गई वाहन धूल खाती हुई ख़राब अवस्था में अस्पतालों में पड़ी हुई है. जिसके चलते सरकार कि महत्वकांक्षी योजना का लाभ क्षेत्र के लोगो को नहीं मिल रहा है.
CG News: कांकेर जिले में बीते दिन वन रक्षक भर्ती परीक्षा के दौरान एक अभ्यर्थी महेंद्र कुमार कुरेटी की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई. इसे लेकर CM विष्णु देव साय ने शोक व्यक्त करते हुए मृतक के परिवार को सरकार की तरफ से 10 लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा भी की है.
Kanker News: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के कलेक्टर नीलेश कुमार क्षीरसागर का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला. कलेक्टर बच्चों के साथ कबड्डी खेलते नजर आए. जिसका वीडियो भी सामने आया है. बताया जा रहा है कि यह वीडियो ग्राम मुरडोंगरी का है.
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ का कांकेर जिला मत्स्य पालन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर सम्मानित हुआ है. कांकेर जिले को मत्स्य पालन के क्षेत्र में देश में “बेस्ट इनलैंड डिस्ट्रिक्ट अवार्ड“ से नवाजा गया है.
Police-Naxal Encounter: छत्तीसगढ़ के कांकेर-नारायणपुर जिले की सीमा पर पुलिस-नक्सली मुठभेड़ के बाद सर्च ऑपरेशन जारी है. मुठभेड़ में 5 नक्सली ढेर हो गए हैं. इस सफलता के लिए डिप्टी CM विजय शर्मा ने जवानों के वीरता की सराहना की है.
Kanker News: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के अंदरूनी क्षेत्र में सुविधाओं का बुरा हाल है. स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों और स्टॉफों की कमी से लोगों को सही इलाज नही मिल रहा है. ऐसा ही एक मामला कांकेर के सुदूर अंचल कोयलीबेड़ा से आया है.
CG News: छत्तीसगढ़ में सरकारे बदली, विभाग के अधिकारी बदले, नेता-मंत्री बदल गए सारे सिस्टम बदले परन्तु अंदरूनी इलाके के कई गांवों की हालत नही बदल सकी. इलाके के कई गांव आज भी लालटेन युग मे जीवन यापन करने को मजबूर है.
Chhattisgarh: कांकेर जिले के पखांजूर क्षेत्र में आज ऐसे भी गांव है, जहां के ग्रामीणों को झरिया के पानी से अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है. हैंडपम्प तो है लेकिन वर्षो से हैंडपंप खराब है. ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल नसीब नही हो पा रहा है. मजबूरन ग्रामीणों को झरिया का पानी पीना पड़ रहा है.