Morena News: पीड़िता का आरोप है कि अधिकारी ने उससे शादी करने का वादा किया और इसी भरोसे पर कई बार शारीरिक संबंध बनाए. शिकायत में कहा गया है कि 30 मार्च 2025 को उसे घूमाने के बहाने मुरैना रेस्ट हाउस के पीछे ले जाकर दुष्कर्म किया गया. इसके बाद सरकारी आवास और ग्वालियर स्थित एक फ्लैट में भी कई बार उसका शोषण किया गया.
MP News: मुरैना जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में संचालित कई शाखाएं इन दिनों जर्जर भवनों में संचालित हो रही हैं.
MP News: सुप्रीम कोर्ट एवं प्रशासन द्वारा लगातार निर्देश जारी किए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद रेत माफिया बेखौफ होकर नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं.
MP News: जानकारी के अनुसार जिगनी गांव निवासी सावित्री पति नरेंद्र कुशवाहा अपनी बहन नीतू के साथ बच्चों के आधार कार्ड अपडेट कराने मुरैना आई थी. दोनों बहनें केएस चौराहे से ई-रिक्शा में बैठकर बाजार जा रही थीं. इसी दौरान एक महिला ई-रिक्शा में बैठी और सावित्री के पर्स से एक हजार रुपए चोरी कर कुछ दूरी पर उतर गई.
Morena News: बताया जा रहा है कि परीक्षा शाखा में वर्ष 1980 से 2000 तक के हजारों विद्यार्थियों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित रखे गए थे, लेकिन रखरखाव के अभाव में अधिकांश रिकॉर्ड नष्ट हो गया. इसी बीच सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में एक कर्मचारी कार्यालय परिसर में कागजात और फाइलों जैसी सामग्री को आग के हवाले करता दिखाई दे रहा है.
मुरैना: नूराबाद क्षेत्र में सोमवार को उस समय सनसनी फैल गई जब एक युवक और युवती के शव सांक नदी से बरामद किए गए. घटना की सूचना मिलन से इलाके में सनसनी फैल गई है.
मुरैना शिक्षा विभाग की गंभीर लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि यहां पर पिछले 20 साल का रिकॉर्ड दीमक खा गया. आइए जानते है क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि युवक ने जल्दबाजी में बिना जांचे ही बाइक चोरी होने की शिकायत लिखित में दी थी. इतना ही नहीं, मामले को लेकर मीडिया को भी गलत जानकारी दी गई, जिससे कोतवाली परिसर से चोरी की खबर फैल गई.
MP News: युवक ने पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब कोतवाली परिसर ही सुरक्षित नहीं है तो आम लोगों की सुरक्षा कैसे होगी.
विस्तार न्यूज ने पीड़ित परिवारों की पीड़ा और मौके की तस्वीरों को प्रमुखता से दिखाया था. खबर सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर संवेदनशीलता दिखाई गई और मजदूर परिवारों को अस्थायी राहत प्रदान की गई.