नियमों का पालन करवाने के लिए सभी कार्यालयों और प्रशिक्षण संस्थानों के प्रमुखों को जिम्मेदारी दी गई है. अगर नियमों का पालन नहीं किया जाता है या फिर कोई भी लापरवाही सामने आती है तो प्रमुख इसके लिए जिम्मेदार होंगे.
सरकारी स्कूलों में प्रवेश उत्सव की शुरूआत भले ही आज से हुई है. लेकिन स्कूलों में बच्चों का पहले दिन स्वागत सामान्य तरीके से ही किया गया. औपचारिकता भर के लिए आज बच्चों को तिलक लगाकर प्रवेश करा दिया, क्योंकि सरकारी स्कूल में शिक्षक एक दिन की जनगणना ट्रेनिंग पर हैं.
50 स्कूल ऐसे हैं, जिनको लेकर फैसला अधर में लटका है. अभी 50 स्कूलों की मान्यता को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है. बताया जा रहा है कि इन स्कूलों को लेकर जांच चल रही है. जांच के बाद फैसला लिया जाएगा.