तेजस्वी की ये यात्रा सिर्फ जनता से मिलने का बहाना नहीं है, बल्कि एक सोची-समझी सियासी चाल है. वो अपने पिता लालू प्रसाद यादव की राह पर चलते हुए जनता से सीधा कनेक्शन बनाना चाहते हैं. लालू यादव अपनी रैलियों और यात्राओं से हमेशा जनता के बीच छाए रहते थे, और तेजस्वी भी उसी अंदाज को अपनाने की कोशिश में हैं.
Bihar Elections 2025: वोटर अधिकार यात्रा के दौरान तेजस्वी यादव हर कदम पर राहुल गांधी के साथ नजर आए थे.
Raebareli DISHA Meeting: बैठक में एक और ट्विस्ट तब आया, जब ऊंचाहार से विधायक मनोज पांडेय ने इसका बहिष्कार कर दिया. मनोज ने राहुल पर निशाना साधा. उन्होंने पत्रकारों से कहा, "राहुल गांधी ने सांसद बनने के बाद संसद में रायबरेली के लिए कितनी बार आवाज उठाई? वो अपने कामों की लिस्ट बताएं."
राहुल गांधी की विदेश यात्राएं पहले भी चर्चा का विषय रही हैं. कई बार उनकी यात्राओं को लेकर सवाल उठे हैं कि वो किससे मिलते हैं और क्या करते हैं? कुछ लोग इसे उनकी निजी जिंदगी का हिस्सा मानते हैं, तो कुछ इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देखते हैं. इस बार CRPF की चेतावनी ने इस बहस को और हवा दे दी है.
MP News: इंदौर के एमवायएच अस्पताल में दो नवजातों की मौत पर राहुल गांधी ने इसे हादसा नहीं बल्कि हत्या बताया. उन्होंने सरकार पर स्वास्थ्य सेवाओं की उपेक्षा कर गरीबों से इलाज का अधिकार छीनने का आरोप लगाया.
CG News: राहुल गांधी के हाइड्रोजन बम वाले बयान पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने तंज कसा है. उन्होंने ने राहुल गांधी को 'फुसकी बम' बताया है.
हाल ही में बिहार के दरभंगा में कांग्रेस की 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान एक मंच से PM मोदी और उनकी मां के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया. ये सुनकर न सिर्फ PM को ठेस पहुंची, बल्कि बिहार की जनता का दिल भी दुखा.
Rahul Gandhi On Vote Chori: राहुल गांधी ने कहा, "यह चोरी सिर्फ वोटों की नहीं, बल्कि युवाओं के रोजगार, शिक्षा, आरक्षण और यहां तक कि राशन कार्ड और जमीन तक छीनने की साजिश है. राहुल ने कहा, "जिन लोगों ने महात्मा गांधी की हत्या की थी, वही अब लोकतंत्र और संविधान को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन हम ऐसा होने नहीं देंगे."
Voter Adhikar Yatra: अब जबकि, तेजस्वी ने खुद को सीएम फेस के तौर पर प्रोजेक्ट किया है, जाहिर तौर पर भाजपा की प्रतिक्रिया भी आनी थी.
Rahul Gandhi Bihar Yatra: राहुल गांधी की 16 दिन की 'वोटर अधिकार यात्रा' को बिहार में कांग्रेस की खोई जमीन वापस पाने की एक रणनीतिक कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.