Basant Panchami Visarjan Rules: हिन्दू धर्म ग्रंथों के अनुसार, मां सरस्वती की मूर्ति बसंत पंचमी के अगले दिन यानी षष्ठी तिथि को विसर्जन करना शुभ माना गया है.
Basant Panchami 2026: हर त्योहार में किसी ना किसी वस्तु को विशेष माना गया है. उसी तरह बसंत पंचमी में भी पीले वस्त्र और पीले रंग के फूल को शुभ माना जाता है. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती के पूजा के लिए पीले रंग के फूलों का उपयोग करना लाभकारी माना जाता है.
Basant Panchami 2026: ज्योतिषी शास्त्र के अनुसार, इस दिन शिवयोग का शुभ संयोग बन रहा है, जिससे बसंत पंचमी का महत्व और बढ़ जाएगा. वहीं ग्रहों के ये खास योग इस पर्व को बेहद फलदायी बनाने वाले हैं.
Premanand Maharaj: प्रेमानंद महाराज आगे बताते हैं कि उनके अनुभव के अनुसार, अपनी साधना को हमेशा गुप्त रखना चाहिए. अपनी रोज़मर्रा की आध्यात्मिक दिनचर्या को भी सबके सामने प्रकट नहीं करना चाहिए. इसके अलावा, जो भजन आप करते हैं, उसके बारे में दूसरों को पता न चले तो वही भजन फल देता है.
Jupiter-Earth And Sun Alignment 2026: नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि शनिवार को दोपहर 2 बजकर 4 मिनट पर जुपिटर, पृथ्वी और सूर्य एक सीध में होंगे. इस समय जुपिटर की पृथ्वी से दूरी लगभग 63 करोड़ 30 लाख 76 हजार किमी होगी.
Magh Mela 2026 Snan: इस साल मकर संक्राति के मौके पर माघ मेले के दूसरे स्नान का महासंयोग बन रहा है. जानें शुभ मूहूर्त के बारे में-
Ketu Gochar 2026: वैदिक ज्योतिष में केतु को एक रहस्यमयी छाया ग्रह और 'साउथ नोड' माना गया है, जो अचानक और गहरे जीवन परिवर्तनों के लिए जाना जाता है. द्रिक पंचांग की गणना के अनुसार, 25 जनवरी 2026 को केतु का महत्वपूर्ण नक्षत्र संचरण होने जा रहा है.
Magh Mela 2026: मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के बीच बाबा काफी प्रसिद्ध हो गए हैं. बाबा की हाइट महज 3 फुट 8 इंच है और इनकी आयु 58 साल बताई जा रही है. बाबा का नाम गंगापुरी महाराज है और वो भगवा वस्त्र पहने हुए हैं.
Makar Sankranti 2026: माना जाता है कि मकर संक्रांति से देवताओं का दिन शुरू होता है और इसी दिन से विवाह, गृह प्रवेश जैसी मांगलिक कार्यों पर लगी रोक भी हट जाती है. इस साल मकर संक्रांति का पुण्यकाल 14 जनवरी को सुबह 8:42 बजे से शुरू होगा.
Saturday Remedies In Hindi: साल भर शनिदेव की कृपा बनी रहे और बाधाओं को दूर करने के लिए शनिवार को यह सरल उपाय जरूर करें. सबसे पहले आप स्नान कर लें, इसके बाद साफ कपड़े पहनें और शनि मंदिर जाकर सरसों के तेल का दीपक जलाएं.