Kanwar Yatra 2026: इस साल 2026 में सावन का महीना 30 जुलाई 2026 से शुरू होने जा रहा है और इसी तारीख के साथ कांवड़ यात्रा की भी शुरुआत हो जाएगी. भगवान शिव के दर्शन और उन्हें जलाभिषेक करने के लिए यह सबसे खास अवसर माना जाता है.
Shukra Pradosh Vrat 2026: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान शिव की पूजा करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है. ऐसा माना जाता है कि इस व्रत से व्यक्ति की इच्छाएं पूरी होने लगती हैं और जीवन की परेशानियां धीरे-धीरे कम होने लगती हैं.
Parama Ekadashi 2026: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से व्यक्ति के जीवन की कई परेशानियां दूर हो सकती हैं. कहा जाता है कि परमा एकादशी का व्रत करने से पिछले जन्मों के पापों का प्रभाव कम होता है, आर्थिक तंगी से राहत मिलती है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है.
World's tallest Shivling in Kashi: हिंदू धर्म ग्रंथों में भगवान भोलेनाथ को सृष्टि के मालिक के रूप में बताया गया है. देश के कोने-कोने में भगवान शिव की मूर्ति और शिवलिंग स्थापित हैं. वहीं वाराणसी एक ऐसा शहर है, जिसके बारे में कहा जाता है कि यह भगवान शिव के त्रिशूल पर बसा हुआ है. शास्त्रों में भी यह बताया गया है कि काशी के कण-कण में भगवान शंकर विराजमान हैं और यहां इतने शिवलिंग हैं, जिनकी गिनती कभी नहीं की जा सकती. अब काशी शहर में एक और शिवलिंग स्थापित किया जाएगा, जो विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग होगा. जानकारी के अनुसार, इस शिवलिंग को बनाने के लिए नगर निगम की तरफ से जगह का चयन भी कर लिया गया है. वहीं यह भी कहा जा रहा है कि भगवान शंकर का यह सबसे बड़ा शिवलिंग केवल 9 से 10 महीने के अंदर तैयार हो जाएगा, जिसके बाद श्रद्धालु और पर्यटक दोनों इस स्थान पर जाकर दर्शन कर सकेंगे.
Trigrahi Yog 2026: द्रिक पंचांग के अनुसार, सूर्य देव 15 जून को वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे. वहीं ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस दिन सूर्य और बुध के मेल से बुधादित्य राजयोग का निर्माण होगा और चंद्रमा इस दिन को और भी खास बनाएगा.
Vastu Tips: मान्यता है कि रसोई में मां अन्नपूर्णा का वास होता है. इसलिए गैस चूल्हे की सही दिशा का विशेष ध्यान रखना चाहिए. गलत दिशा में रखा चूल्हा आर्थिक परेशानियों, मानसिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है.
केदारेश्वर गुफा मंदिर का अपना एक विशेष रहस्य है. स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मंदिर का निर्माण छठी सदी में कलचुरी राजवंश ने हरिश्चंद्रगढ़ किले के भीतर करवाया था. यह भी माना जाता है कि प्रसिद्ध और महान संत चांगदेव ने चौदहवीं सदी में इसी मंदिर में रहकर अपनी पवित्र पुस्तक 'तत्त्वसार' की रचना की थी.
Main Gate Vastu Remedies: वास्तु शास्त्र में ऐसे कुछ उपाय बताए गए हैं, जिनके अनुसार मुख्य द्वार पर शुभ वस्तुएं लगाने से नकारात्मकता दूर होती है और घर में सुख, शांति के साथ-साथ सकारात्मक ऊर्जा का माहौल बना रहता है.
Jagannath Rath Yatra 2026: बता दें कि इस साल जगन्नाथ पुरी की रथ यात्रा जून महीने में शुरू न होकर, बल्कि 16 जुलाई 2026 दिन गुरुवार से शुरू होगी. आमतौर पर हर साल इस विशेष यात्रा को जून के महीने में निकाला जाता था, लेकिन इस बार इसे एक महीने बाद निकाला जाएगा.
Paap Kartari Yog 2026: 9 जून यानी दिन मंगलवार की सुबह ऐसा ही योग बनने वाला है. इस दिन चंद्रमा कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे. उस समय एक ओर राहु कुंभ राशि में और दूसरी ओर मंगल मेष राशि में मौजूद रहेंगे, जिससे चंद्रमा इनके बीच आ जाएंगे.