Ganesh Sthapana Home Rules : भक्त बड़े भाव से गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना कर उनकी उपासना करते हैं. हिन्दू धर्म ग्रंथों में इस खास त्योहार में कुछ चीजों को करने की मनाही है खासकर गणेश मूर्ति खरीदते समय. ऐसे में आइए जानते हैं कि गणेश चतुर्थी पर कौन-सी वे चीजें हैं, जिन्हें नहीं करना चाहिए.
Shani Gochar 2026: ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, सितंबर में शनि की दृष्टि सिंह राशि के स्वामी सूर्य और मिथुन व कन्या राशि के स्वामी बुध पर पड़ने वाली है. इसका असर इन तीनों राशियों के काम, फैसलों, धन और मानसिक स्थिति पर देखने को मिल सकता है.
Ganesh Chaturthi 2026 Date: हिंदू धर्म में त्योहारों का बहुत महत्व होता है. हर महीने कोई न कोई त्योहार जरूर आता है, जिसे हिंदू परिवार बड़े ही श्रद्धा और भाव के साथ मनाते हैं. इसी तरह सितंबर के इस महीने में भी कई बड़े त्योहार हैं, जिनका अपना विशेष महत्व है. कल 4 सितंबर को देशभर में जन्माष्टमी का त्योहार बड़े ही धूमधाम से मनाया गया. इस बीच अब भक्तगण बप्पा के आगमन की तैयारियों में जोर-शोर से जुट गए हैं. गणेश चतुर्थी के इस पावन पर्व को देश-विदेश में रहने वाले हिंदू परिवार बड़े ही उत्साह और खुशियों के साथ मनाते हैं. गणेश चतुर्थी का यह त्योहार भारत के उत्तरी और दक्षिणी दोनों ही इलाकों में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. आइए जानते हैं कि इस साल गणेश चतुर्थी का यह पवित्र त्योहार कब मनाया जाएगा.
One Day Later Festival Celebration: आज देशभर में बड़े ही धूमधाम से श्रीकृष्ण का 5253वां जन्मोत्सव मनाया जा रहा है. भक्त लड्डू गोपाल की प्रतिमाएं स्थापित कर उनकी उपासना कर रहे हैं. जन्माष्टमी के इस पावन त्योहार पर आज हर हिंदू परिवार में खुशी का माहौल है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं वाली भूमि नंदगांव में जन्माष्टमी का त्योहार आज नहीं बल्कि कल मनाया जाएगा. हर साल जहां जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव मनाया जाता है, वहीं दूसरी तरफ सदियों से नंदगांव में एक दिन बाद श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाता है. आइए जानते हैं कि आखिर क्यों एक दिन बाद नंदगांव में जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाता है और इसके पीछे क्या मान्यता है.
Krishna Janmashtami Puja Muhurat: वहीं दृक पंचांग के अनुसार, लड्डू गोपाल का यह 5253वां जन्मोत्सव है, जो ज्योतिषियों के नजरिए से बहुत ही खास माना जा रहा है. इस पवित्र त्योहार पर भक्त श्री कृष्ण की उपासना करते हैं और उनकी सच्चे मन तथा श्रद्धा से पूजा-अर्चना कर उपवास रखते हैं.
Janmashtami Tulsi Upay Rules: धार्मिक मान्यताओं में इस दिन पूजा-पाठ,भोग और विशेष उपायों का खास महत्व बताया गया है. भगवान श्रीकृष्ण को तुलसी बहुत प्रिय मानी जाती है. यही वजह है कि कान्हा की पूजा और भोग में तुलसी दल का इस्तेमाल शभ माना जाता है.
Janmashtami Home Items: हिंदू धर्म में जन्माष्टमी का पर्व भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान कृष्ण का जन्म भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था. इस वर्ष जन्माष्टमी का पावन पर्व 4 सितंबर दिन शुक्रवार को मनाया जाएगा. इस दिन भक्त उपवास रखते हैं और मध्यरात्रि में बाल गोपाल की पूजा-अर्चना करके उनके जन्म का उत्सव मनाते हैं. जन्माष्टमी को लेकर घरों में कई दिन पहले से तैयारियों शुरू हो जाती हैं. अगर आप भी इस बार कान्हा के स्वागत की तैयारी कर रहे हैं, तो पूजा की सामग्री के साथ कुछ ऐसी वस्तुएं घर ला सकते हैं, जिन्हें धार्मिक दृष्टि से शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इन वस्तुओं को घर में रखने से सकारात्मक वातावरण बना रहता है और भगवान कृष्ण के प्रति भक्ति भाव मजबूत होता है. आइए जानते हैं जन्माष्टमी से पहले किन 5 चीजों की घर लाना शुभ माना जाता है.
Trigrahi Yog Janmashtami Rashifal: मान्यता है कि इस योग के प्रभाव से कुछ जातकों को करियर, धन, मान-सम्मान और पारिवारिक जीवन में सकरात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं. आइए जानते हैं वे कौन सी चार राशियां हैं जिन्हें इसका सबसे अधिक लाभ मिल सकता है.
Janmashtami Midnight Celebration Significance: मान्यताओं के अनुसार, हर साल जन्माष्टमी का उत्सव आधी रात को मनाया जाता है. ज्योतिषियों के अनुसार, इस बार की जन्माष्टमी में 15 साल बाद एक दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो बहुत ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
Janmashtami Puja Vidhi: मान्यता है कि इस दिन भगवान श्री कृष्ण को उनकी मनपसंद चीजें और भोग चढ़ाने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है. हिंदू धर्म ग्रंथों में कृष्ण जन्माष्टमी त्योहार को बहुत ही खास और महत्वपूर्ण बताया गया है.