Vishwakarma Jayanti 2026: ज्योतिषियों के अनुसार, इस साल विश्वकर्मा जयंती पर तीन शुभ मुहूर्त बन रहे हैं. पहला शुभ मुहूर्त सुबह 7 बजकर 58 मिनट से सुबह 10 बजकर 43 मिनट तक रहेगा. दूसरा मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 15 मिनट से दोपहर 1 बजकर 48 मिनट तक रहेगा.
Surya Gochar September 2026: ज्योतिष के अनुसार सूर्य का यह गोचर कुछ राशियों के लिए शुभ परिणाम लेकर आ सकता है, जबकि कुछ राशियों को इस दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. जिन राशियों पर इसका नकारात्मक असर पड़ने की संभावना बताई जा रही है.
Ganeshotsav Zodiac Sign Luck: गणेश चतुर्थी का यह समय मेष राशि के जातकों के लिए काफी शुभ रहने वाला है. भगवान गणेश कीकृपा से आपका आत्मविश्वास और समझदारी बढ़ेगी. गणेशोत्सव के 10 दिनों में लंबे समय से अटके काम दोबारा गति पकड़ सकते हैं.
Hartalika Teej 2026: ज्योतिषियों के अनुसार, महिलाएं अपनी सुविधा के अनुसार फलाहार या जल ग्रहण करके भी व्रत रख सकती हैं. तीजा के दिन भगवन शिव और माता पार्वती की पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की जाती है.
Ganesh Chaturthi 2026: पंचांग के अनुसार, भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 14 सितंबर की सुबह 5 बजकर 22 मिनट से शुरू होगी और 15 सितंबर की सुबह 7 बजकर 14 मिनट तक रहेगी. उदया तिथि के अनुसार गणेश चतुर्थी का पर्व 14 सितंबर, सोमवार को मनाया जाएगा. इसी दिन घरों और पंडालों में भगवान गणेश की स्थापना की जाएगी.
Ganesh Chaturthi 2026: गणेश उत्सव को लेकर देशभर में खुशी का माहौल देखने को मिल रहा है. कुछ ही दिनों बाद गणपति बप्पा विराजने वाले हैं. हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल गणेश चतुर्थी 14 सितंबर, दिन सोमवार को है. हिंदू परिवार इस गणेश फेस्टिवल को बड़े ही उत्साह और श्रद्धा भाव के साथ मनाते हैं. गणेश चतुर्थी का यह पवित्र त्योहार वैसे तो देशभर में बड़े धूमधाम के साथ मनाया जाता है, लेकिन दक्षिण और पश्चिमी इलाकों में गणेश जी की पूजा विशेष रूप से की जाती है. भक्त इस दिन भगवान गणेश की मूर्ति की पूजा-अर्चना कर उनकी उपासना करते हैं. गणेश चतुर्थी का त्योहार हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है. इस खास दिन भक्त अपने घरों और मूर्ति स्थापना वाले स्थलों को फूल-मालाओं से सजाते हैं. शास्त्रों के अनुसार, गणेश चतुर्थी के दिन कुछ ऐसी बातें हैं, जिनका ध्यान रखना बहुत जरूरी है.
Ganesh Chaturthi 2026: हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार, भगवान गणेश का जन्म भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को दोपहर के समय हुआ था. पंचांग के अनुसार, इस साल चतर्थी तिथि 14 सितंबर को सुबह 7 बजकर 06 मिनट पर शुरू होगी और 15 सितंबर को सुबह 7 बजकर 44 मिनट पर समाप्त होगी.
Budh Chandra Yuti Kanya Rashi: ज्योतिष के अनुसार, बुध और चंद्रमा का मिलन सोचने-समझने की क्षमता, निर्णय लेने की शक्ति और रचनात्मकता को मजबूत कर सकता है. इस युति का सकारत्मक असर कुछ राशियों पर अधिक देखने को मिल सकता है. आइए जानते हैं किन राशियों के लिए यह समय शुभ रह सकता है.
Amavasya Vish Yog Impact: ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 11 सितंबर को चंद्रमा सिंह राशि से निकलकर रात करीब 7:08 बजे कन्या राशि में प्रवेश करेंगे. इसके बाद चंद्रमा और शनि के बीच सप्तम दृष्टि संबंध बनेगा. ज्योतिष में चंद्रमा को मन और भावनाओं का कारक माना जाता है, जबकि शनि को देरी, अनुशासन और मुश्किल परिस्थितियों से जोड़कर देखा जाता है.
Pithori Amavasya Rules: ज्योतिषियों के अनुसार, पिठोरी अमावस्या के दिन कुछ कामों को करने से बचना चाहिए, जबकि कुछ धार्मिक कार्यों को शुभ माना जाता है. आइए जाते हैं इस दिन क्या करना चाहिए, क्या नहीं करना चाहिए और पितरों को कौन-सी चीजें अर्पित करनी चाहिए.