Purnima 2026: खगोलविदों के अनुसार, पूर्णिमा के दिन एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना घटित होगी. भारतीय समयानुसार 3 जनवरी की रात करीब 10:45 बजे पृथ्वी अपनी कक्षा में सूर्य के सबसे निकट बिंदु पर पहुंचेगी.
New Year 2026 Rashifal: ज्योतिषी के अनुसार, नए साल 2026 में राहु 'S' नाम वालों के फर्स्ट हाउस यानी पहले ही भाव में रहेंगे. बता दें कि राहु जब फर्स्ट हाउस में होते हैं, तो चंद्रमा पर सीधा प्रभाव डालते हैं, जिससे 'S' नाम से शुरू होने वाले लोगों का मन थोड़ा भ्रमित रह सकता है. ज
Hindu Calendar 2026: भारत में हर एक दिन किसी न किसी तीज-त्योहार, जयंती या दिवस से जुड़ा होता है. साल 2026 में जनवरी से लेकर दिसंबर महीने तक कब कौन से त्योहार आएंगे.
Shani-Rahu-Ketu 2026 Rashifal: साल 2026 में गुरु, शनि, मंगल और राहु-केतु की चाल पर खास ध्यान देना होगा. गुरु इस साल दो बार राशि बदलेंगे, पहले कर्क और फिर सिंह में जिससे कई राशियों की दशा प्रभावित हो सकती है. राहु-केतु का प्रभाव भी कुछ समय तक अशांति बढ़ा सकता है.
Vastu Tips 2026: वास्तु शास्त्र के अनुसार, नए साल के पहले दिन यानी 1 जनवरी को ब्रह्ममुहूर्त में जल्दी उठकर स्नान करना बेहद शुभ और लाभदायक माना जाता है. स्नान के बाद साफ कपड़े पहनकर घर के मंदिर या पूजा स्थल में भगवान की पूजा-अर्चना करें.
Magh Mela 2026: हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार, माघ मेले के समय गुप्त दान करने पर बहुत शुभ परिणाम मिलते हैं. बता दें कि गुप्त दान का अर्थ है कि आप इस तरह किसी चीज का दान करें कि दान लेने वाले को आपका नाम, पता, स्थान के बारे में जानकारी न हो.
Sahasralinga Karnataka Mystery: कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में स्थित शाल्मली (शलमाला) नदी हरे-भरे पेड़ों और घने जंगलों के बीच से होकर बहती है. जैसे ही नदी का जलस्तर कम होता है, इसमें एक हजार से अधिक शिवलिंग दिखाई देने लगते हैं, जिन्हें 'सहस्त्रलिंग' कहा जाता है.
Kharmas 2025: खरमास को लेकर लोगों का मानना होता है कि इस समय कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता, लेकिन सच्चाई यह है कि खरमास केवल मांगलिक कार्यों पर रोक लगाता है, बाकी शुभ काम और पुण्य के लिए यह महीना बहुत खास माना जाता है.
New Year 2026 Rashifal: द्रिक पंचांग के अनुसार, नए साल 2026 के पहले महीने यानी जनवरी में ही सूर्य-मंगल की युति से 'विस्फोटक राजयोग' बनने जा रहा है, जहां 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे.
Tulsi Leaf With Chandan Significance: हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार, तुलसी का पौधा भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है, इसीलिए शास्त्रों में इसे 'विष्णुप्रिया' के नाम से भी संबोधित किया गया है. मंदिर में तुलसी के पत्ते पर चंदन लगाकर अर्पित करने का मुख्य उद्देश्य श्रीहरि को प्रसन्न करना और उनकी विशेष कृपा प्राप्त करना होता है.