रुद्रांश बताते हैं कि हर तरफ ड्रोन और मिसाइलों की आवाजें सुनाई दे रही थीं. कभी-कभी लगता था कि शायद सुरक्षित घर वापस नहीं पहुंच पाएंगे. हालांकि इस दौरान घरवालों से बात होती रहती थी और लगातार संपर्क में बने हुए थे.