एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चिंता भारतीय रेल में स्लीपर कोच की स्थिति को लेकर है. एसी कोच की तुलना में स्लीपर कोच की खिड़कियां खुली रहती हैं. ऐसे में बेडरोल, तकिया और अन्य चीजों के मेंटेनेंस को लेकर काफी परेशानी हो सकती है.