CG News: बस्तर जिले के छिंदवाड़ा में मृतक पादरी के शव को दफनाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया. हाई कोर्ट के निर्णय को बरकरार रखते हुए सुर्पीम कोर्ट ने मृतक के शव को ईसाई कब्रिस्तान में दफनाने का निर्णय दिया. जिसके बाद सोमवार देर शाम शहर से लगे करकापाल क्रिश्चियन कब्रिस्तान में मृतक के शव को दफना दिया गया.
अदालत ने यह भी बताया कि दंपति के बीच 28 नवंबर 2024 को हुए समझौते के तहत पिता अपनी पत्नी और बेटी को कुल 73 लाख रुपये देने पर सहमत हुए थे, जिसमें 43 लाख रुपये बेटी की शिक्षा के लिए निर्धारित थे.
Sambhal Survey Report: 45 दिन बाद 45 पन्नो के इस रिपोर्ट में बताया गया है कि जामा मस्जिद के अंदर मंदिर होने के प्रमाण मिले हैं. मस्जिद के अंदर दो वट वृक्ष हैं. अमूमन हिंदू धर्म के मंदिरों में ही वट वृक्ष की पूजा होती है.
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि दहेज उत्पीड़न के मामलों में अदालतों को न केवल कानून का सही तरीके से पालन करना चाहिए, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी तरह से दहेज कानून का दुरुपयोग न हो.
Jagdeep Dhankhar: दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर अरविंद केजरीवाल ने कहा, 'आम आदमी पार्टी दिल्ली में चुनाव अपने दम पर लड़ेगी. कांग्रेस के साथ गठबंधन की कोई संभावना नहीं है.'
Farmers Protest: शंभू बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों ने फिलहाल दिल्ली कूच को स्थगित कर दिया है. इसी बीच, किसान आंदोलन और नेशनल हाइवे को रोकने के मुद्दे पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है. इस मामले में एक याचिका दायर की गई थी, जिसमें केंद्र, पंजाब और हरियाणा सरकार से शंभू […]
Sambhal Jama Masjid: संभल की जामा मस्जिद को लेकर हिंदू पक्ष का दावा है कि यह हरिहर मंदिर था, जिसकी जगह पर मस्जिद का निर्णाण किया गया था.
पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने 26 नवंबर को मीडिया से बात करते हुए कहा कि पूरे साल सुप्रीम कोर्ट ने मौलिक और संवैधानिक मामलों पर सुनवाई की. इसमें कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें 9, 7 और 5 जजों की बेंच में होने वाले मामले भी शामिल थे.
याचिका दायर करने वाले केए पॉल ने यह भी दावा किया कि एलन मस्क ने कहा है कि ईवीएम से छेड़छाड़ की जा सकती है. इसके अलावा, उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और वाईएस जगन मोहन रेड्डी का नाम लिया, जिन्होंने अपनी हार के बाद ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगाया था.
Delhi-NCR Pollution: पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा था कि राष्ट्रीय राजधानी में सालभर पटाखा बैन पर 25 नवंबर से पहले फैसला लें. जिसपर दिल्ली सरकार की तरफ से कहा गया था कि सभी संबंधित विभागों से सलाह लेने के बाद फैसला लेंगे.