Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर वैधानिक प्रतिबंध लगाने की मांग वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया.
अब सुप्रीम कोर्ट ने प्रयागराज विकास प्राधिकरण को पीड़ित पांचों घर मालिकों को 6 हफ्ते के अंदर 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है. यह राशि पीड़ितों को उनके नुकसान और परेशानी की भरपाई के लिए दी जाएगी.
होली के दिन जज के आवास पर आग लगने की खबर आई. मौके पर फायर फायटर्स को भेजा गया. इस दौरान आग बुझाने वाली टीम ने जस्टिस के स्टोर रूम में नोटों की गड्डियां देखीं, जो आग की चपेट में आकर जल गई थीं. इसके बाद भारत के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने जस्टिस वर्मा के खिलाफ एक आंतरिक जांच कमेटी गठित की.
सुनवाई के दौरान जब याचिकाकर्ता के वकील ने यह दावा किया कि उनके मुवक्किल को झूठे आरोपों में फंसाया गया है, तो जस्टिस सूर्यकांत ने मजाकिया अंदाज में कहा, “आपने तो गुंडों को किराए पर लिया है, एक हेलमेट पहने हुए, दूसरा टोपी लगाए बाइक पर… और अब आप फंस गए हैं क्योंकि आपके खिलाफ साक्ष्य हैं.”
supreme court Decision: इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस लेते हुए सुनवाई की. कोर्ट ने मंगलवार यानी 25 मार्च को फैसले पर सुनवाई का निर्णय लिया था
दिल्ली के जज जस्टिस यशवंत वर्मा के घर के अंदर मिले कैश की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक कर दी है. इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने जस्टिस वर्मा का जवाब भी ऑफिशियल वेबसाइट पर पब्लिश कर दिया है. जस्टिस वर्मा ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए इसे अपने खिलाफ साजिश करार दिया है.
Justice Yashwant Verma: दिल्ली हाई कोर्ट के जज यशवंत वर्मा को इलाहाबाद हाई कोर्ट ट्रांसफर किया गया है. अचानक हुए इस ट्रांसफर ने हर किसी को हैरान था. मगर अब इस ट्रांसफर का असल कारण सामने आ गया है. जस्टिस वर्मा के आवास से बेहिसाब रुपये मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने ये फैसला लिया है.
जस्टिस बेला त्रिवेदी का जन्म 10 जून 1960 को पाटण, गुजरात में हुआ था. वे एमएस यूनिवर्सिटी, वडोदरा से अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद 1980 में वकील बनीं. शुरुआती दिनों में उन्होंने गुजरात हाई कोर्ट में वकालत की और इसके बाद कई महत्वपूर्ण केसों में काम किया.
पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड कचरे के 10 टन को परीक्षण के आधार पर जलाने की तैयारी शुरू हो गई है. इसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.
Ranveer Allahbadia Controversy: सुप्रीम कोर्ट में अल्लाहबादिया के विवादित टिप्पणी पर सुनवाई हुई. इस दौरान SC ने यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया को फटकार लगाई और कहा कि उनके दिमाग में गंदगी है, ऐसे इंसान के लिए हम क्यों सुनवाई करें.