इस मामले में 25 सितंबर को FIR दर्ज की गई थी और 26 सितंबर को SIT का गठन कर जांच शुरू की गई. लेकिन जांच के बीच आंध्र प्रदेश सरकार को तब आलोचना का सामना करना पड़ा जब सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तिरुपति मंदिर में लड्डू बनाने के लिए मिलावटी घी के उपयोग के आरोपों का कोई ठोस आधार नहीं है.
Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर एफआईआर दर्ज हो जाए तो कोई शख्स आरोपी है या दोषी, यह बुलडोजर एक्शन का आधार नहीं हो सकता है. इतना ही नहीं कोर्ट ने यह भी कहा कि अवैध निर्माण साबित होने पर वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए कुछ वक्त दिया जाना चाहिए.
इस पर जस्टिस गवई ने कहा कि हम एक धर्मनिरपेक्ष व्यवस्था में हैं और अवैध निर्माण चाहे किसी का भी हो, उस पर कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि कार्रवाई निष्पक्ष हो और किसी एक धर्म या समुदाय के खिलाफ न हो.
Supreme Court: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के एक दिहाड़ी मजदूर के 18 वर्षीय बेटे अतुल कुमार ने अपनी आखिरी कोशिश में जेईई परीक्षा पास की थी. जिसके बाद उन्हें इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट में सीट मिला था.
Tirupati Prasad Controversy: कार्ट में दायर की गई याचिकाओं में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू द्वारा लगाए गए आरोपों की अदालत की निगरानी में जांच की मांग की गई है. उनका दावा है कि तिरुपति मंदिर में लड्डू बनाने में जानवरों की चर्बी और मछली के तेल का इस्तेमाल किया गया.
दिल्ली की मेयर शैली ओबरॉय ने इस चुनाव को अवैध करार देते हुए कहा कि नियमों का उल्लंघन किया गया है. पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी चुनाव की प्रक्रिया की आलोचना की.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मुकदमे के जल्दी निपटारे के लिए शर्तों को इन कड़े कानूनों में भी शामिल किया जाना चाहिए. बेंच ने यह भी सुझाव दिया कि सरकार को उन कानूनों पर पुनर्विचार करना चाहिए, जिनमें आरोपी को अपनी बेगुनाही साबित करने का दायित्व होता है.
CG Coal Scam: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला घोटाला मामले में बड़ी खबर सामने आई है. छत्तीसगढ़ की निलंबित अधिकारी सौम्या चौरसिया को सुप्रीम कोर्ट ने शर्तों के साथ जमानत दे दी है. बता दें कि मनी लॉंड्रिंग में दिसंबर 2022 में सौम्या चौरसिया को गिरफ़्तार किया गया था.
Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कानूनन ऐसी सामग्री को रखना भी अपराध है. हाई कोर्ट ने एक व्यक्ति के खिलाफ दर्ज केस यह कहते हुए निरस्त कर दिया था कि उसने चाइल्ड पोर्नोग्राफी सिर्फ डाऊनलोड किया और अपने पास रखा. उसने इसे किसी और को नहीं भेजा.
यह यूट्यूब हैकिंग घटना इस बढ़ते ट्रेंड का हिस्सा है जिसमें प्रमुख यूट्यूब चैनलों को क्रिप्टोकरेंसी घोटालों के लिए निशाना बनाया जा रहा है. Ripple Labs ने भी पहले यूट्यूब के खिलाफ इसी प्रकार की धोखाधड़ी रोकने में विफलता के लिए मुकदमा दायर किया था.