प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेले में एक परिवार ने अपने 27 साल पहले खोए हुए सदस्य को पहचान लेने का दावा किया है. लेकिन कहानी में एक बड़ा मोड़ तब आया जब खुद उस व्यक्ति ने इस पहचान को मानने से इंकार कर दिया.
1954 में कुंभ मेले के दौरान 3 फरवरी को मौनी अमावस्या के अवसर पर एक भगदड़ मची थी. इस हादसे में लगभग 800 से 1000 लोगों की मृत्यु हुई थी, जबकि 2000 से अधिक लोग घायल हुए थे.
अखिलेश यादव ने कहा, "11 डुबकी सबसे शुभ मानी जाती हैं और इससे पुण्य प्राप्त होता है. आज मुझे यह अवसर मिला और मैं इसे लेकर बहुत खुश हूं."
Mahakumbh 2025: आम लोगों से लेकर राजनेता, फिल्मी सितारे और साधु-संत सभी इस धार्मिक महापर्व में शामिल हो रहे हैं. अब तक 10 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु संगम में पवित्र डुबकी लगा चुके हैं. इसी बीच एक ऐसा बॉलीवुड सेलिब्रिटी महाकुंभ पहुंचा, जिसे पहली नजर में कोई पहचान नहीं पाया. काले कपड़ों में, चेहरा काले […]
महिला नागा साधु का जीवन एक साधना से भरा हुआ होता है. पीरियड्स के दौरान उनके शाही स्नान का तरीका हमारे लिए एक अलग दृष्टिकोण प्रदान करता है.
Shamli Encounter: सोमवार की देर रात 2 बजे यूपी STF ने मुखबिर की सूचना पर कार से जा रहे चार बदमाशों को पहले घेरा फिर जब कार में सवार बदमाशों ने फायरिंग शुरू की तो जवाबी हमले में चारों को मार गिराया.
Maha Kumbh 2025: महाकुंभ में भजन-कीर्तन कर रहे साधुओं के एक जत्थे की खूब चर्चा हो रही है. यह जत्था काफी अनोखा है और इन साधुओं को जंगम साधु कहा जाता है. ये साधु कभी भी हाथ में भिक्षा नहीं लेते हैं. जानें जंगम साधुओं की कहानी.
Maha Kumbh 2025: प्रशासन का दावा है कि मौनी अमावस्या (29 जनवरी) पर प्रयागराज में तकरीबन 10 करोड़ श्रद्धलुओं के आने की संभावना है. ऐसे में एक सवाल जो सबके समें खड़ा होता है कि इतनी विशाल भीड़ की सही गिनती आखिर कैसे की जा रही है?