Haryana Assembly Elections 2024: कांग्रेस उम्मीदवार ने कहा, ''जब भी क्षेत्र में निकलती हूं लोगों का प्यार, मेरा कारवां बढ़ता गया है. मैं दावे के साथ कह सकती हूं कि आपकी बेटी ना किसी के सामने झुकी थी और ना ही किसी के सामने झुकेगी.
नाडा ने 25 सितंबर 2024 को विनेश फोगाट को औपचारिक नोटिस जारी करते हुए कहा कि आपको डोपिंग नियमों के तहत स्थल की जानकारी से जुड़ी जरूरतों का पालन करने में विफलता के बारे में सूचित करने के लिए एक नोटिस दिया जाता है.
हरियाणा की जुलाना विधानसभा सीट, जिसे "जाटलैंड" के रूप में जाना जाता है, जातीय समीकरणों के चलते चुनावी राजनीति का केंद्र बन चुकी है. इस क्षेत्र में जाट समुदाय की आबादी लगभग 50% है, जो किसी भी चुनावी परिणाम को प्रभावित करने में अहम भूमिका निभाती है.
बबीता ने कहा, “भाजपा ने इस बार सुनील सांगवान को टिकट देने का जो फैसला लिया है, मैं उसका सम्मान करती हूं. मुझे टिकट न मिलने का कोई अफसोस नहीं है. मैं पार्टी के निर्णय के साथ पूरी तरह खड़ी हूं.”
Haryana Election 2024: खबर है कि टिकट के कई उम्मीदवारों ने फोगाट को लेकर आयोजित कार्यक्रम से खुद को दूर रखा. साथ ही टिकट वितरण को लेकर AICC यानी ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के दफ्तर के बाहर भी प्रदर्शन किया गया.
बृज भूषण शरण सिंह ने कहा, "मेरे खिलाफ तीनों मामलों में मैं बाहर हूं. लखनऊ में दो मामले चल रहे हैं. गतिविधियों के क्रम से पता चलता है कि जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने किया था. गतिविधियों का क्रम कांग्रेस के खिलाफ है. विरोध महिलाओं की गरिमा के लिए नहीं था."
जुलाना विधानसभा से विनेश फोगाट को टिकट देकर कांग्रेस मजबूत होती दिख रही है. रविवार (8 सितंबर) से ही विनेश फोगाट चुनावी प्रचार अभियान भी शुरू कर देंगी और ससुराल बख्ता खेड़ा में पंचायत को संबोधित करेंगी.
भाजपा के पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने कहा है कि विनेश फोगाट को हरियाणा विधानसभा चुनाव में कोई भी भाजपा उम्मीदवार हरा देगा. उन्होंने कहा कि यदि पार्टी इजाजत देगी तो वह फोगाट के खिलाफ प्रचार करने हरियाणा जाएंगे.
हरियाणा में 5 अक्टूबर को मतदान होगा और मतों की गिनती 8 अक्टूबर को होगी. नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 12 सितंबर है, जबकि 13 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी.
हरियाणा की राजनीति पर नजर रखने वाले जानकार कहते हैं कि ओलंपिक मेडल चूकने के बाद विनेश को लेकर सहानभूति है. कुश्ती संघ के खिलाफ धरने के दौरान जो हुआ उसको लेकर भी लोगों के मन में पहलवानों के प्रति साहनभूति थी.