विनेश ने पिछले मंगलवार को कुश्ती की दुनिया में तहलका मचा दिया था. उन्होंने अपने पहले मैच में तत्कालीन चैंपियन और दुनिया की नंबर 1 खिलाड़ी जापान की युसी सुसाकी को हराया.
पहलवान विनेश फोगाट के चाचा को भरोसा है कि कोर्ट एथलीट के पक्ष में फैसला सुनाएगा. पूर्व पहलवान ने कहा, "फैसला 11 अगस्त तक टाल दिया गया है. मुझे पूरा भरोसा है कि फैसला हमारे पक्ष में होगा और भारत के 140 करोड़ लोगों को 11 अगस्त को अच्छी खबर मिलेगी."
CAS में गुरुवार को ही सुनवाई होनी थी. पहले कोर्ट ने विनेश का पक्ष रखने के लिए 4 वकीलों की पेशकश की थी. इनके नाम जोएल मोनलुइस, एस्टेले इवानोवा, हैबिन एस्टेले किम और चार्ल्स एमसन है.
विनेश फोगाट की चचेरी बहन बबीता फोगाट ने हुड्डा पर निशाना साधते हुए कहा, "भूपेंद्र हुड्डा को पहले यह बताना चाहिए कि उन्होंने अपनी सरकार के दौरान कितने खिलाड़ियों को राज्यसभा भेजा? हुड्डा साहब केवल कुर्सी पाने के पीछे हैं."
विनेश को सबसे पहले राज्यसभा भेजने की वकालत तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने ही की थी.
पेरिस ओलंपिक से विनेश फोगाट के बाहर होने के मामले को लेकर राज्यसभा में गुरुवार को विपक्षी सांसदों ने जमकर शोर मचाया. विपक्ष इस मामले को लेकर हंगामा करने लगा.
Vinesh Phogat: हरियाणा के मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है कि हरियाणा की हमारी बहादुर बेटी विनेश फोगाट ने ज़बरदस्त प्रदर्शन करके ओलंपिक में फाइनल में प्रवेश किया था. किसी कारणों से वो भले ही ओलंपिक का फाइनल नहीं खेल पाई हो लेकिन हम सबके लिए वो एक चैंपियन है.
Vinesh Phogat: विनेश फोगाट ने सेमीफाइनल मुकाबला अपनी कॉम्पटीटर के खिलाफ 5-0 के अंतर से जीता था और वह ओलंपिक फाइनल के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान थीं.
बनर्जी ने कहा कि फोगाट के अथक दृढ़ संकल्प को किसी भी पदक से पूरी तरह से नहीं समझा जा सकता है. उन्होंने जिस तरह के संघर्ष का सामना किया है, उसे देखते हुए हम उसके लिए कम से कम इतना तो कर ही सकते हैं.
अमेरिकी पहलवान की मांग को लेकर एक्स पर लोगों के रिएक्शन भी आए हैं. लोगों ने कहा कि जॉर्डन बरोज़ की मांगो पर नियमों में तत्काल बदलाव किया जाना चाहिए. बजरंग पुनिया ने भी बरोज की मांग का समर्थन किया है.