‘अधिकारियों का राजनीतिकरण संवैधानिक संकट’, कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर जीतू पटवारी ने साधा निशाना

पटवारी ने आगे कहा, 'अधिकारियों का राजनीतिकरण होगा तो व्यवस्था नहीं बनेगी. उन्होंने कहा कि IAS-IPS अफसरों को ट्रेनिंग में सिखाया जाता है कि राजनीतिक भाव से ऊपर उठकर जनसेवक बनना है. कांग्रेस ने इस बयान को लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया है.'
PCC Chief Jitu Patwari.

PCC चीफ जीतू पटवारी.

Input- जफर अली

MP News: मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के अधिकारियों के संघ की चड्ढी बताने वाले बयान पर सियासत गरमा गई है. कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पलटवार किया है. पटवारी ने कहा है कि अधिकारियों का राजनीतिकरण हो रहा है तो फिर ये संवैधानिक संकट है.

‘प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को ध्यान रखना पड़ेगा’

जीतू पटवारी ने कहा, ‘ये संवैधानिक संकट है. अधिकारियों ने संविधान के अनुसार प्रतिज्ञा ली है कि राजनीतिक भाव से ऊपर उठकर काम करना है. अगर इस तरह की भाषा है तो इसका मतलब है कि हमारे यहां संवैधानिक संकट आ गया है. प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को ध्यान रखना पड़ेगा.’

पटवारी ने आगे कहा, ‘अधिकारियों का राजनीतिकरण होगा तो व्यवस्था नहीं बनेगी. उन्होंने कहा कि IAS-IPS अफसरों को ट्रेनिंग में सिखाया जाता है कि राजनीतिक भाव से ऊपर उठकर जनसेवक बनना है. कांग्रेस ने इस बयान को लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया है.’

दिग्विजय के बयान पर पटवारी ने चुप्पी साध ली

वहीं उज्जैन ट्रस्ट की 500 करोड़ की जमीन 1 रूपये में देने के आरोप पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इससे सही बताया था. जबकि ये आरोप किसी और ने नहीं बल्कि पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने लगाए थे. जब दिग्विजय के क्लीनचिट देने को लेकर सवाल किया गया तो जीतू पटवारी ने चुप्पी साध ली और बिना कुछ प्रतिक्रिया दिए आगे बढ़ गए.

कैलाश विजयवर्गीय ने क्या कहा था?

एक दिन पहले कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भोपाल में अधिकारियों को लेकर बयान दिया था. विजवर्गीय ने कहा था कि हमारी सरकार बनते ही अब सभी संघ के हो गए हैं. जो भी अधिकारी आता है, वो बताता है कि उसने भी आरएसएस की बेल्ट और पट्टा पहना है. विजयवर्गीय ने कहा था कि अभी अच्छे लोगों की जरूरत है. अच्छे लोगों के बिना विचारधारा बढ़ाकर क्या फायदा है.

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