कैसे बनती है PNG, किचन तक पहुंचने का क्या है प्रोसेस? जानें
PNG
PNG Process: पाइप नेचुरल गैस (PNG) एलपीजी की तरह घरेलू गैस के रूप में इस्तेमाल की जाती है. यह एलपीजी के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित और कम प्रदूषण फैलाने वाली मानी जाती है. शायद यही वजह है कि आजकल इसका इस्तेमाल घरों पर ज्यादा हो रहा है. पीएनजी आज के समय में काफी सुविधाजनक, सुरक्षित और किफायती बनकर उभरा है. यह कई मामलों में काफी फायदेमंद है. यहां जानें कहां से आती है पीएनजी गैस?
पिछले कुछ समय से पीएनजी की मांग काफी तेजी से बढ़ी है. क्योंकि यह कीमत में सस्ती और सिलेंडर की झंझट से मुक्ति दिलाती है. देश के आज कई शहरों पर बिना सिलेंडर सीधे घर के किचन तक पाइपलाइन के जरिए पहुंच रही है. लेकिन क्या आपको पता है कि इसके किचन तक पहुंचने के पीछे क्या प्रोसेस है और कैसे घर तक सुरक्षित पहुंचती है.
PNG की कैसे होती है शुरुआत?
PNG की शुरुआत जमीन के अंदर मौजूद प्राकृतिक भंडारों से होती है. जब इसे ड्रिलिंग के जरिए बाहर निकाला जाता है, तो यह पूरी तरह से शुद्ध नहीं होती. प्रोसेसिंग प्लांट में भेजकर सभी हानिकारक तत्वों जैसे कार्बन डाइऑक्साइड और सल्फर को अलग कर लिया जाता है. जब यह शुद्ध हो जाती है, तो उपयोग किया जा सकता है. इसके बाद गैस को सभी शहरों में भेजा जाता है.
शहरों में कैसे पहुंचती है गैस?
जब गैस तैयार हो जाती है, तो इसे हाई-प्रेशर पाइपलाइनों के जरिए जरूरत के हिसाब से सभी अलग-अलग शहरों तक पहुंचाई जाती है. पाइपलाइन जमीन के नीचे बिछाई जाती है. छोटे पाइपों के जरिए इसे अलग-अलग कई इलाकों और घरों तक पहुंचाया जाता है. घरों पर जितना उपयोग किया जाएगा. बिल भी उसी हिसाब से पहुंचता है, लेकिन यह एलपीजी से काफी सस्ता पड़ता है.
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LPG से ज्यादा सुरक्षित है PNG
PNG को LPG की तुलना में काफी सुरक्षित माना जाता है. इसमें सुरक्षा की दृष्टिकोण से खास प्रकार का केमिकल मिलाया जाता है, जो लीकेज होने पर तुरंत पता चल जाता है. इसके अलावा भी कई प्रकार के ऑटोमैटिक कंट्रोल सिस्टम लगे होते हैं, जो गड़बड़ी होने पर तुरंत एक्टिव हो जाते हैं.