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परिजन के मृत्यु के बाद क्यों जरूरी है आधार बंद करना? जानें घर बैठे कैसे बंद करें

Aadhaar Card

आधार कार्ड

Aadhaar Card Deactivation: परिवार में किसी अपने के मृत्यु के बाद कई कानूनी और प्रशासनिक काम पूरे करने होते हैं. इसमें बैंक अकाउंट और दूसरे जरूरी सेवाओं से जुड़े डॉक्यूमेंट्स को अपडेट करना भी शामिल है. पहचान के दुरुपयोग या फ्रॉड को रोकने के लिए मृत व्यक्ति का आधार कार्ड बंद करना बहुत जरूर हो जाता है. यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी UIDAI ने इसके लिए एक ऑनलाइन सुविधा शुरू की है, जिससे घर बैठे ही यह प्रक्रिया शुरू की जा सकती है.

आधार डीएक्टिवेट करने के लिए ये डॉक्यूमेंट्स चाहिए?

इस प्रोसेस को शुरू करने से पहले कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट्स और जानकारियां आपके पास होनी चाहिए. सबसे पहले मृत व्यक्ति का डेथ सर्टिफिकेट होना चाहिए, जिसकी स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी. इसके अलावा मृत व्यक्ति का 12 अंकों का आधार नंबर, आवेदन करने वाले परिवार के सदस्य की पहचान का विवरण और आधार से लिक मोबाइल नंबर होना जरूरी है. क्योंकि इसी नंबर पर ओटीपी वेरिफिकेशन किया जाता है. साथ ही मृत व्यक्ति की बेसिक जानकारी भी पास में रखनी चाहिए.

आधार कार्ड बंद करने की ऑनलाइन प्रोसेस क्या है?

इस प्रक्रिया के लिए आपको UIDAI के ऑफिशियल myAadhaar पोर्टल पर जाना होगा. सबसे पहले अपने आधार नंबर और ओटीपी के जरिए लॉग-इन करें. इसके बाद सेवाओं के ऑप्शन में जाकर परिवार के सदस्य की मृत्यु की रिपोर्ट करने वाले ऑप्शन को चुनें. अब मृत व्यक्ति का आधार नंबर और डेथ रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें. इसके बाद मृत्यु प्रमाण पत्र की स्कैन कॉपी पोर्टल पर अपलोड कर दें. प्रोसेस पूरी होने के बाद आपको एक सर्विस रिक्वेस्ट नंबर यानी SRN मिलेगा जिसे फ्यूचर के लिए संभाल कर रखें.

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क्या रिपोर्ट करते ही तुरंत बंद हो जाता है आधार?

यह ध्यान रखना जरूरी है कि ऑनलाइन मृत्यु की रिपोर्ट दर्ज करते ही आधार तुरंत बंद नहीं होता है. यह प्रक्रिया का सिर्फ फर्स्ट स्टेप है. UIDAI पहले आपके द्वारा दिया गई सभी जानकारियों और डॉक्यूमेंट्स की पूरी जांच और सत्यापन करता है, उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाती है.

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