1 नवंबर से पूरे देश कई तरह के नियमों में बदलाव होने जा रहे है. इस बदलावों की वजह से आम आदमी की जेब पर भी असर पड़ सकता है.
Aadhaar Card Deactivation: इस प्रोसेस को शुरू करने से पहले कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट्स और जानकारियां आपके पास होनी चाहिए. सबसे पहले मृत व्यक्ति का डेथ सर्टिफिकेट होना चाहिए, जिसकी स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी.
Aadhaar Card: नए नियम के अनुसार, अगर आधार कार्ड में दर्ज नाम को पूरी तरह बदलना है या नाम में बड़ा बदलाव करना है, तो सामान्य डॉक्यूमेंट्स के आधार पर यह काम नहीं होगा. ऐसे मामलों में सरकारी गजट में नाम बदलने का प्रकाशन जरूरी होगा
Bharat ABIS: ABIS का मतलब है ऑटोमेटेड बायोमेट्रिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम. यह मल्टी-मोडल प्लेटफॉर्म है. इसमें फिंगरप्रिंट, आंख की पुतली और चेहरे को मिलाकर 13.5 KB का एक टेंपलेट बनाया जाता है. इस टेंपलेट को पुराने रिकॉर्ड से मिलाकर चेक किया जाता है कि व्यक्ति का आधार पहले से मौजूद तो नहीं है.
Aadhaar Card Sharing Precautions: आधार कार्ड आज पहचान साबित करने के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले डॉक्यूमेंट्स में से एक है. बैंक से जुड़े काम, होटल में बुकिंग, सिम कार्ड लेने और सरकारी सेवाओं का लाभ लेने जैसे कई कामों में आधार की जरूरत पड़ सकती है.
Baal Aadhaar Card: छोटे बच्चों के बाल आधार में फिंगरप्रिंट और आंखों की पुतली यानी आइरिस का बायोमेट्रिक नहीं लिया जाता. इसमें बच्चे की फोटो दर्ज की जाती है और आधार को माता या पिता में से किसी एक के आधार से जोड़ा जाता है
Aadhaar DOB Second Update Rules: आज के समय में आधार कार्ड हमारे सबसे जरूरी डॉक्यूमेंट्स में से एक है, जिसके बिना हमारे कई महत्वपूर्ण काम रुक सकते हैं. अगर आपके आधार कार्ड में आपकी जन्मतिथि (DoB) गलत दर्ज हो गई है और आप उसे सुधारना चाहते हैं, तो यह बात जानना आपके लिए बहुत जरूरी है. दरअसल, आधार कार्ड में नाम, पता या मोबाइल नंबर बदलने के नियम अलग हैं, लेकिन जन्मतिथि को दोबारा अपडेट कराने के नियम काफी सख्त हैं. भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के अनुसार, जन्मतिथि में बार-बार बदलाव नहीं किया जा सकता, इसलिए इसे सुधारते समय नियमों का खास ध्यान रखना पड़ता है.
New Aadhaar App: नए ऐप में कई ऐसे फीचर जोड़े गए हैं, जिनसे आधार से जुड़े काम करना आसान हो गया है. इनमें सबसे खास सुविधा एक ही मोबाइल में परिवार के 5 आधार प्रोफाइल मैनेज करने की है. इससे बच्चों, माता-पिता या जीवनसाथी के आधार को एक ही ऐप से आसानी से देखा जा सकता है.
Baal Aadhaar Card Process: UIDAI के नियमों के अनुसार, 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए 'बाल आधार' बनाया जाता है. इस दौरान बच्चे के फिंगरप्रिंट और आंखों की स्कैनिंग नहीं होती. सिर्फ बच्चे की फोटो ली जाती है और उसका आधार माता या पिता के आधार नंबर से जोड़ा जाता है.
Aadhaar Card Authentication History: हम रोजाना इतनी जगहों पर अपने आधार कार्ड का उपयोग करते हैं कि कुछ समय बाद हमें खुद याद नहीं रहता कि हमने इसका इस्तेमाल कहां-कहां किया था. इस स्थिति में सुरक्षा के हिसाब से यह बहुत जरूरी हो जाता है कि हम समय-समय पर अपने आधार के इस्तेमाल की जांच करते रहें.