आयकर विभाग का ये बड़ा बदलाव! इस फॉर्म को तुरंत भरना होगा वरना सरकार काट लेगी पैसा
Income Tax New Rule: आयकर के नए नियम भी लागू हो गए हैं. एक ऐसा भी नियम है, जिसके बारे में अधिकतर लोगों को मालूम ही नहीं है. यदि आप भी इस बदलाव के बारे में नहीं जानते हैं तो ये आपको नुकसान पहुंचा सकता है.
आयकर विभाग ने किया ये बड़ा बदलाव
Income Tax New Rule: नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत हो चुकी है और एक महीने समय बीत चुका है. आयकर के नए नियम भी लागू हो गए हैं. एक ऐसा भी नियम है, जिसके बारे में अधिकतर लोगों को मालूम ही नहीं है. यदि आप भी इस बदलाव के बारे में नहीं जानते हैं तो ये आपको नुकसान पहुंचा सकता है. सरकार आपकी सैलरी से कुछ हिस्सा काट सकती है.
ये नया फॉर्म हुआ जारी
- आयकर विभाग ने TDS को लेकर नया फॉर्म जारी किया है.
- बैंक, पोस्ट ऑफिस और पीएफ संस्थाओं द्वारा TDS काटा जाता है तो आपको नया फॉर्म भरना होगा.
- इसमें ब्याज से होने वाली कमाई को भी शामिल किया गया है.
- नए फॉर्म-121 ने पुराने फॉर्म 15G और 15H की जगह ली है.
- ये 4 पेज का फॉर्म है, इंटरनेट पर उपलब्ध है जिसे भरना भी आसान और पेचीदा नहीं है.
- इससे पहले टैक्सपेयर्स को 15G और सीनियर सिटीजन को 15H फॉर्म भरना होता था.
फॉर्म भरना क्यों जरूरी है?
- सभी योजनाओं पर 1 अप्रैल 2026 के बाद पहले की तरह TDS व्यवस्था लागू रहेगी.
- निवेश से हुई कमाई पर आयकर विभाग 10 फीसदी टीडीएस काट लेगा.
- इनकम टैक्स विभाग की कार्रवाई से आपके खाते में कम राशि आएगी और इसे पाने के लिए आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करना होगा.
- जिन लोगों ने बच्चों और अन्य सदस्यों के नाम से निवेश किया है, जिस पर ब्याज या लाभांश (डिविडेंट) मिलता है, कम हो जाएगा.
- इसमें किराए से मिलने वाले लाभ और सावधि जमा को भी शामिल किया गया है.
- फॉर्म- 121 के भरने के बाद TDS की कटौती से मुक्ति मिलेगी.
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फॉर्म 121 कौन-कौन भर सकता है?
- सेविंग्स अकाउंट्स पर मिलने वाली ब्याज की राशि 10000 रुपये से कम हो उन्हें छूट मिलेगी.
- वहीं, आपकी कुल इनकम टैक्स योग्य सीमा से अधिक है तो फॉर्म 121 भरने के लिए योग्य नहीं होंगे.
- भारत का निवासी होना चाहिए. टैक्स डिटेक्शन से पहले फॉर्म 121 भरना होगा.