अब और सुरक्षित होगा रेल सफर! 712 किमी ट्रैक पर लगेगा कवच सिस्टम, जानें कैसे करता है काम
ट्रेन
Automatic Train Protection Expansion: रेल नेटवर्क को यातायात का सबसे बड़ा साधन माना जाता है. यही वजह है कि हर दिन भारतीय रेलवे से लाखों लोग लंबी दूरी की यात्राएं करते हैं. रेल से सफर करना आरामदायक तो होता है, लेकिन कई बार आकस्मिक दुर्घटनाओं की वजह से यात्रियों को जनहानी ब हो जाती है. इस तरह की दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार एक नई पहल की शुरुआत करने जा रही है. इसके लिए भारतीय रेलवे ने ‘कवच 4.0’ सिस्टम की तैनाती के लिए 170 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है.
712 किमी ट्रैक पर कवच सिस्टम लगाया जाएगा
सरकार की तरफ से यह जानकारी दी गई है कि कवच 4.0 के तहत उत्तर रेलवे के मुरादाबाद डिवीजन के 712 रूट किलोमीटर के बाकी बचे हिस्सों पर कवच सिस्टम लगाया जाएगा. रेल मंत्रालय के अनुसार, मंजूर राशि से स्वदेशी ‘कवच 4.0’ सिस्टम लगाकर सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाएगा. सुरक्षा की इस आधुनिक लेयर से चिन्हित रूट पर ट्रेन संचालन सुरक्षित होगा और हादसों में कमी आएगी.
कैसे काम करता है कवच सिस्टम?
- यह भारत में बनी एक ऑटोमैटिक मशीन है, जो ट्रेनों के सफर को सुरक्षित बनाती है.
- अगर कोई ट्रेन गलती से लाल सिग्नल पार करती है, तो यह सिस्टम उसे रोक देता है.
- खतरा होने पर या ड्राइवर के ब्रेक न लगाने पर यह मशीन अपने-आप ट्रेन को रोक देती है.
- यह खराब मौसम में ट्रेन की स्पीड को कंट्रोल में रखती है और दो ट्रेनों को आपस में टकराने से बचाती है.
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रेल दुर्घटनाओं में कमी
रेल मंत्रालय के अनुसार, पिछले कुछ सालो में भारतीय रेलवे के सफर में सुरक्षा काफी बढ़ी है. साल 2014-15 में जहां कुल 135 रेल दुर्घटनाएं हुई थीं. वहीं 2025-26 में यह संख्या घकर सिर्फ 16 रह गई है और इस साल जून तक सिर्फ दो हादसे हुए हैं. इस तरह प्रति दस लाख किलोमीटर पर होने वाली दुर्घटनाओं के इंडेक्स में भी लगभग 91 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है जो सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा सुधार दर्शाती है.