राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ा अपडेट! सरकार ने बदले चावल के नियम, जानें PMGKAY में क्या बदलाव हुआ
चावल की गुणवत्ता में हुआ सुधार
PMGKAY Rice Rules Update: राशन कार्ड धारकों के लिए एक बहुत ही जरूरी खबर सामने आई है. हाल ही में केंद्र सरकार ने राशन कार्ड के जरिए मिल रहे राशन की गुणवत्ता में सुधार करने का निर्णय लिया है, जिससे अब करोड़ों लाभार्थियों को अच्छी गुणवत्ता का राशन मिल सकेगा. पहले जहां चावल में टूटे हुए दानों की मात्रा ज्यादा रहती थी, वहीं अब सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के जरिए इसकी मात्रा को कम कर दिया गया है. सरकार के इस फैसले से राशन कार्ड धारकों को अब पहले से कहीं ज्यादा बेहतर क्वालिटी का चावल मिल सकेगा.
चावल की गुणवत्ता को लेकर क्या बदलाव हुआ?
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने अपने ऑफिशियल प्लेटफॉर्म X के जरिए बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राशन में मिलने वाले चावल की गुणवत्ता में सुधार के लिए मंजूरी दे दी है. उन्होंने बताया कि पहले जहां कच्चे चावल में टूटे हुए दानों की सीमा 25 प्रतिशत रहती थी, उसे अब घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है.
➡️ Government approves supply of improved-quality rice under #PMGKAY
— PIB India (@PIB_India) July 2, 2026
➡️ Over 80 crore beneficiaries to receive better-quality rice
➡️ Broken grain content reduced to 10% in raw rice and 5% in parboiled rice; phased rollout to begin from KMS 2027–28
➡️ Reform to enhance food…
वहीं उसना चावल में इसकी सीमा को 16 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया गया है. सरकार ने करीब 30 साल बाद सरकारी योजना के तहत मिलने वाले चावल की गुणवत्ता के मानकों में बदलाव किया है, जिससे अब करोड़ों राशन कार्ड धारकों को पहले से बेहतर चावल मिल सकेगा.
क्या राशन की मात्रा में कोई बदलाव होगा?
- सरकार ने स्पष्ट किया है कि राशन की मात्रा में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
- पहले जितनी मात्रा में राशन वितरण किया जा रहा था, उतनी ही मात्रा में लाभार्थियों को राशन मिलेगा.
- नए फैसले में सिर्फ चावल की गुणवत्ता को बेहतर किया गया है, जिससे अब करोड़ों परिवारों को पहले से कहीं ज्यादा अच्छी क्वालिटी का चावल मिल सकेगा.
हर महीने 35 किलो अनाज मिलता रहेगा
आपको बता दें कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (NFSA) के तहत हर व्यक्ति को हर महीने 5 किलो मुफ्त राशन मिलता है. वहीं अंत्योदय अन्न योजना वाले गरीब परिवारों को हर महीने 35 किलो अनाज मिलता रहेगा. केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने साफ किया है कि सरकार के इस फैसले का एकमात्र मकसद लोगों को पहले से अच्छी क्वालिटी और साफ-सुथरा अनाज देना है.