‘कांवड़ियों पर फूल, मुस्लिमों पर बुलडोजर…’, AIMIM प्रवक्ता शादाब चौहान ने सरकार पर उठाए सवाल

AIMIM Spokesperson Shadab Chauhan Slams: कांवड़ यात्रा को लेकर AIMIM प्रवक्ता शादाब चौहान ने नमाज पढ़ने से तुलना की. जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है.
AIMIM Spokesperson Shadab Chauhan Slams

AIMIM प्रवक्ता शादाब चौहान

Kanwariya vs Bulldozer Row: AIMIM प्रवक्ता शादाब चौहान ने विवादित बयान देकर राजनीतिक गलियारों और स्थानीय स्तर पर चर्चा का माहौल गर्म कर दिया है. शादाब के बयान का वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसमें वे कांवड़ यात्रा को लेकर सरकार पर ही पक्षपात रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए सवाल खडे़ किए थे. फिलहाल, पुलिस ने प्रवक्ता शादाब चौहान को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है.

दरअसल, यूपी के मेरठ जिले में कांवड़ यात्रा निकलनी है. कांवड़ यात्रा को लेकर AIMIM प्रवक्ता शादाब चौहान ने नमाज पढ़ने से तुलना की. उन्होंने एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि मेरठ पुलिस ने कांवड़ यात्रा को लेकर एडवाइजरी जारी की है. जिसके अनुसार, जिन बसों का संचालन शहर से किया जाता है. अब उन बसों का संचालन करीब 8 किलोमीटर दूर शहर के बाहर से किया जाएगा. इससे आमजन को काफी असुविधा होगी. कई जगहों पर स्कूल बंद रखे जाएंगे. पूरे मार्ग पर कांवड़ यात्रियों के लिए रखा जाएगा.

शादाब चौहान ने सरकार से पूछे सवाल

  • 2 मिनट की नमाज पर पाबंदी, कांवड़ यात्रा के लिए शहरों की व्यवस्थाएं बदली गयी.
  • 15 दिन के लिए मुख्य मार्ग बंद किए जाएंगे. स्कूल भी बंद होंगे, बस अड्डे शहर से बाहर भेजे गये, क्यों?
  • मांस की दुकानें बंद कराई गई है जबकि रमजान में शराब की दुकानें बंद नहीं करती सरकार.
  • कहा गया कि सड़कें चलने के लिए धार्मिक आस्था के लिए नहीं, फिर क्यों बंद की जा रही है? कांवड़ियों के लिए डेडीकेटिड कॉरीडोर बना दीजिए.
  • कांवड़ यात्रा के दौरान अराजकता, नशे का कारोबार रोकने, नशेड़ियों को पकड़ने के लिए क्या किया?
  • हिंदू संगठन के गुंडे मुसलमानों की दुकानें चेक कर रहे है, ये अधिकार उन्हें किसने दिया?

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पुलिस जांच-पड़ताल में जुटी

फिलहाल, पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद शादाब चौहान को हिरासत में ले लिया है. पुलिस के मुताबिक, वायरल वीडियो की हर एंगल से जांच पड़ताल की जा रही है. अगर जांच में यह पाया जाता है कि उनके बयान से साम्प्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता था, तो कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ ही प्रशासन ने आम जन से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें.

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