पहला टिकट ‘पंडित’ को देकर अयोध्या से चुनावी शंखनाद, ब्राह्मणों को साधकर बीजेपी को ‘टेंशन’ देंगे अखिलेश?
सपा ने अयोध्या से पवन पांडेय को दिया टिकट
First Ticket To Brahmin Candidate: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव सत्ता पाने के लिए रोज नए हथकंडे अपना रहे हैं. चुनाव की सियासी सरगर्मियों के बीच अखिलेश यादव ने ऐसा राजनीतिक दांव चला है कि प्रदेश के सियासी गलियारों में हलचल पैदा हो गई. सपा के नारे में अब तक जो पीडीए का मतलब (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) होता था. अब वह बदल गया है. अखिलेश यादव ने कहा कि पीडीए में पीडी का मतलब पंडित होता है और उन्होंने यूपी के ब्राह्मण वोटरों को साधने के लिए प्रयास भी शुरू कर दिए हैं.
यूपी में विधानसभा चुनाव भले ही अगले साल हों, लेकिन सियासी सरगर्मियां अभी से तेज हो गई हैं. समाजवादी पार्टी ने कल बुधवार को लखनऊ से अपने एक प्रत्याशी की भी घोषणा कर दी है. इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं. अखिलेश यादव ने अयोध्या सीट पर पहला प्रत्याशी उतारकर बड़ा दांव खेला है. अयोध्या से ब्राह्मण प्रत्याशी तेज नारायण उर्फ पवन पांडेय को टिकट दिया है. सपा ने पहला टिकट ब्राह्मण प्रत्याशी को देकर यह संदेश दिया है कि सपा ब्राह्मणों के साथ खड़ी है.
ब्राह्मणों को साधने के प्रयास में सपा
दरअसल, समाजवादी पार्टी कल बुधवार को लखनऊ में ब्राह्मणों को अपने पाले में लाने के लिए ‘प्रबुध्द सम्मेलन’ किया था. जिसमें करीब 20,000 ब्राह्मण शामिल हुए थे. इसी मंच से अयोध्या प्रत्याशी पवन पांडेय के नाम का भी ऐलान कर दिया और पीडीए में पीडी का मतलब पंडित बताया. उन्होंने पवन पांडेय को टिकट देकर यह संदेश दिया है कि सपा अब पिछड़ों, दलितों, अल्पसंख्यकों की ही नहीं, बल्कि सवर्णों की भी पार्टी है और पार्टी में उन्हें पूरा मान-सम्मान और प्रतिनिधित्व दिया जाएगा.
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अयोध्या से चुनावी शंखनाद
लखनऊ में ब्राह्मण सम्मेलन के मंच से अखिलेश यादव ने चुनावी शंखनाद का ऐलान कर दिया है. सपा हर साल में 2027 में सत्ता में काबिज होने के प्रयास में है. वह कोई भी दांव नहीं छोड़ना चाहती है. अब देखना यह होगा कि सपा अपने मंसूबे पर कितना कामयाब हो पाती है. यह तो आने वाला समय ही बताएगा.