छात्रों के प्रोटेस्ट का असर! योगी सरकार का अधिकारियों को अल्टीमेटम, हो सकती है कार्रवाई

Yogi Government Action: उत्तर प्रदेश में छात्रों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए योगी सरकार भी अब सख्त नजर आ रही है. यही वजह है कि सीएम योगी ने तमाम अध‍िकार‍ियों को अल्टीमेटम दिया है.
सीएम योगी आद‍ित्‍यनाथ

सीएम योगी आद‍ित्‍यनाथ

Student Protest Impacts: देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले द‍िनों बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला, इसी के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा. इसके बाद मानों देश के अलग-अलग हिस्सों में आंदोलनों की बाढ़ सी आ गई. रांची के बाद अलग-अलग जगहों पर छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भी इसका असर सीधे तौर पर देखने को मिला. यही वजह है कि खुद सरकार भी इस मामले पर कोई भी रिस्क नहीं लेना चाहती है, जिसके कारण दिल्‍ली और रांची जैसे हालात बन सकें.

पिछले कुछ दिनों के भीतर ही यूपी की राजधानी लखनऊ, आजमगढ़, महोबा, हमीरपुर और उन्नाव सहित कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए. इन्हीं शिकायतों के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए हैं.

सरकार ने क्या द‍िए आदेश?

सरकार ने अपनी तरफ से साफ किया है कि स्कूल-कॉलेजों में संसाधनों की कमी, शिक्षकों की गैरमौजूदगी या प्रशासनिक लापरवाही किसी भी हाल में नहीं चलेगी. अगर इस तरह की शिकायतें सामने आती हैं तो उन्हें पेंडिंग न रखा जाए. इन मामलों की निगरानी के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों को नोडल जिम्मेदारी दी गई है, ताकि सामने आने वाली शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई हो सके.

शिक्षा संस्थानों की होगी नियमित निगरानी

सरकार के निर्देश के बाद बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के अलावा लगभग सभी विभागों की न‍िगरानी बढ़ा दी गई है. मतलब यह कि अब काम के साथ-साथ काम करने वालों पर भी नजर रखी जाएगी. किसी संस्थान में व्यवस्था खराब मिलने पर संबंधित अधिकारियों और सख्त कार्रवाई की जाएगी. यह बात सूबे के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने खुद कही है. सरकार का संदेश है कि छात्रों की पढ़ाई किसी भी प्रशासनिक लापरवाही की वजह से प्रभावित नहीं होनी चाहिए

सोशल मीडिया शिकायतों पर भी नजर

स्कूलों और शिक्षण संस्थानों से जुड़ी शिकायतें अब सोशल मीडिया के जरिए भी तेजी से अधिकारियों तक पहुंच रही हैं. मुख्य सचिव एसपी गोयल ने मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को ऐसी पोस्ट पर नजर रखने का आदेश दिया गया है. इसके साथ ही उनकी वास्तविकता की जांच कराने को कहा है.

जिलाधिकारियों को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया माध्यमों से जांच के बाद तथ्यात्मक स्थिति सामने रखने के निर्देश दिए गए हैं. सरकार का मानना है कि इससे वास्तविक समस्याओं का समाधान जल्द होगा. गलत जानकारी के प्रसार पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा. कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि प्रदर्शनों का सीधा असर होता दिखाई दे रहा है.

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