‘आस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा…’, राम मंदिर चंदा विवाद पर सीएम योगी की दो टूक
सीएम योगी की दो टूक
Ram Mandir Chanda Vivad: देशभर में इन दिनों अयोध्या के राम मंदिर का चंदा चोरी विवाद चर्चा में है. इन सब के बीच सीएम योगी आज यानी 19 जून को अयोध्या पहुंचे. अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि को लेकर उठे विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कर दिया है कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा. सीएम ने कहा कि 15 दिन और देख लो, इंतजार कर लो, चिंता मत करो. अयोध्या को बदनाम करने वालों के बहकावे में न आएं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए दान और चढ़ावे से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की गड़बड़ी को गंभीरता से लिया जा रहा है. इसी वजह से राज्य सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जो पूरे मामले की जांच कर रही है.
सीएम ने कहा कि एसआईटी दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेगी. मैं सभी से कहूंगा कि कोई भी अनर्गल टिप्पणी न करें, जो राम भक्तों को आहत करे. अगर किसी के पास कोई प्रूफ है तो उसे एसआईटी को दे दे. अयोध्या धाम को बदनाम न करें। अगर कोई अपराधी है, वह कोई भी होगा, बचेगा नहीं, यह सुनिश्चित है.
#WATCH | Ayodhya: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath says, "…Those who fired bullets at 'karsevaks' and wielded lathis for chanting Jai Shri Ram are now out here giving sermons… We have set up an SIT investigation (to probe Ram Temple donation issue) at the request… pic.twitter.com/Bcqc8zwrpT
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) June 19, 2026
क्या बोले सीएम योगी?
सीएम योगी ने कहा कि जांच का मकसद सिर्फ आरोपों की सच्चाई सामने लाना है, ताकि मंदिर और उससे जुड़े संस्थानों की विश्वसनीयता पर कोई सवाल न उठे.वहीं, जांच के दौरान मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लोगों से भी पूछताछ की जा रही है और दान राशि के प्रबंधन से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है.
मुख्यमंत्री का संदेश साफ है कि राम मंदिर की गरिमा और श्रद्धालुओं के विश्वास से कोई समझौता नहीं होगा. यदि जांच में किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.
विपक्ष लगातार उठा रहा सवाल
इस विवाद को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साध रहा है. समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है. दूसरी ओर सरकार का दावा है कि सच सामने लाने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जा रहा है.