12 दिन में ही धंसा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे, ₹4700 करोड़ की परियोजना पर उठे सवाल

Lucknow Kanpur Expressway: उन्नाव में लखनऊ-कानपुर एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा उद्घाटन के महज 12 दिन बाद बारिश के बीच धंस गया, जिससे निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं.
सड़क धंसने के कई वीड‍ियो आए सामने

सड़क धंसने के कई वीड‍ियो आए सामने

Lucknow Kanpur Expressway:  उत्तर प्रदेश में लखनऊ-कानपुर एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का उद्घाटन हुए अभी दो हफ्ते का समय भी पूरा नहीं हुआ है. इसके बाद भी परियोजना की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं. उन्नाव जिले के कोरारी क्षेत्र में लगातार बारिश के बाद एक्सप्रेसवे के कानपुर से लखनऊ जाने वाले हिस्से पर सड़क धंसने की घटना सामने आई है. घटना के बाद निर्माण एजेंसी ने क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत शुरू कर दी, लेकिन इस मामले ने निर्माण कार्य और गुणवत्ता नियंत्रण को लेकर नई बहस छेड़ दी है.

करीब ₹4700 करोड़ की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई को हुआ था. इसका उद्घाटन केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था. उद्घाटन के महज 12 दिन बाद सड़क के एक हिस्से के धंसने की खबर सामने आने से लोगों के बीच भी कई सवाल उठ रहे हैं.

वीडियो सामने आने के बाद शुरू हुआ मरम्मत का काम

स्थानीय लोगों के अनुसार, लगातार बारिश के चलते सड़क के किनारे की मिट्टी बैठ गई, जिससे सड़क का हिस्सा प्रभावित हुआ. इसके कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा और मौके पर पानी भर गया. सूचना मिलने के बाद निर्माण एजेंसी ने प्रभावित हिस्से पर पैचवर्क कर सड़क को दुरुस्त करने का दावा किया.

सपा ने सोशल मीडिया पर उठाया मामला

घटना को लेकर समाजवादी पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो साझा करते हुए सरकार पर निशाना साधा है. पार्टी ने एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी बड़ी लागत से बनी परियोजना में उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद सड़क धंसना गंभीर चिंता का विषय है. पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.

बीजेपी ने लगाया विपक्ष पर आरोप

बीजेपी की ओर से सदर विधायक पंकज गुप्ता ने कहा कि नई सड़कों पर भारी बारिश के दौरान इस तरह की तकनीकी समस्याएं सामने आ सकती हैं. उन्होंने भरोसा दिलाया कि जहां भी कोई कमी मिलेगी, उसे तत्काल ठीक कराया जाएगा. साथ ही उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह छोटी घटनाओं को राजनीतिक मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है. 

ये भी पढ़ें:राजनीति से सिद्धारमैया का सन्‍यास, 2028 का कर्नाटक विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान

ज़रूर पढ़ें