मेरठ: दिग्विजय भाटी के साथ हुई मारपीट मामले में एक्शन, 8 पुलिसकर्मियों को किया लाइन हाजिर
डॉ. दिग्विजय भाटी
Meerut News: उत्तर प्रदेश के मेरठ में पिछले दिनों किसान नेता डॉ. दिग्विजय भाटी और दलित नेता मोहित जाटव के साथ पुलिस ने मारपीट की थी. भाटी ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने मारपीट के दौरान ही उनसे डांस भी कराया था. पुलिस की इस हरकत के बाद तमाम राजनीतिक दलों ने विरोध जताया था. इसके साथ ही मामले में सख्त एक्शन की मांग की थी. यही वजह है कि अब पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है.
नए एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने पदभार संभालने के बाद कार्रवाई की है. सिविल लाइंस थाना प्रभारी अखिलेश कुमार गौड़ समेत आठ पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है.जांच की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता प्रभावित न हो, इसके लिए 8 पुलिस कर्मियों को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ द्वारा तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर किया जाता है.
कब का है पूरा मामला?
पूरा मामला 19 अगस्त का बताया जा रहा है, बताया गया कि दिग्विजय भाटी और उनके साथी मोहित जाटव एसएसपी ऑफिस पहुंचे थे. भाटी ने आरोप लगाया कि जब वह बातचीत कर रहे थे. उसी दौरान पहले पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की. इसके बाद उन्हें गाना बजाकर डांस कराया गया.
मारपीट के कारण भाटी के आंख समेत शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोट आई हैं. उनकी चोटों का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया.
किन 8 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई?
सिविल लाइंस थाने से जुड़े आठ पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है. इनमें थाना प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार गौड़, उपनिरीक्षक मुलायम सिंह, हेड कांस्टेबल हरि ओम, कांस्टेबल मुकेश कुमार, हेड कांस्टेबल श्याम बाबू, कांस्टेबल सुमित कुमार, महिला कांस्टेबल नीलम लौर और चालक ललित कुमार शामिल हैं.
राजनीतिक स्तर पर भी बढ़ा दबाव
घटना को लेकर समाजवादी पार्टी के नेताओं ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. सपा विधायक अतुल प्रधान ने दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. जिसमें उन्होंने मामले में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और मुकदमा दर्ज करने की मांग की.
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