अमेठी में स्मृति ईरानी का नाम वोटर लिस्ट से गायब, पंचायत चुनाव से पहले बढ़ी सियासी सरगर्मी
स्मृति ईरानी
Smriti Irani Name Missing: उत्तर प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनावों से पहले अमेठी में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है. पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेता स्मृति ईरानी का नाम पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में नहीं मिला है. मामला सामने आते ही प्रशासन हरकत में आ गया और जांच शुरू कर दी गई है.
जानकारी के अनुसार, अमेठी जिले के मेदन मवई गांव की पंचायत मतदाता सूची जारी होने के बाद स्थानीय स्तर पर सूची का मिलान किया जा रहा था. इसी दौरान पता चला कि स्मृति ईरानी का नाम सूची में दर्ज नहीं है. हैरानी की बात यह है कि उनका नाम लोकसभा और विधानसभा चुनावों की मतदाता सूची में मौजूद है, लेकिन पंचायत चुनाव की सूची से गायब बताया जा रहा है.
राहुल गांधी को हराया था चुनाव
स्मृति ईरानी का अमेठी से खास संबंध रहा है. सान 2019 में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को हराकर वह अमेठी से सांसद बनी थीं. सांसद रहने के दौरान उन्होंने मेदन मवई गांव में अपना घर भी बनवाया था और कई बार यह कहा था कि अमेठी से उनका रिश्ता सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं है. उनके आधिकारिक दस्तावेजों में भी इसी गांव का पता दर्ज बताया जाता है.
जांच में जुटे अधिकारी
मामले की जानकारी मिलने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने प्रशासन से संपर्क किया. इसके बाद नाम जोड़ने के लिए आवश्यक आवेदन जमा कराया गया. अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और रिकॉर्ड का सत्यापन किया जा रहा है. यदि किसी स्तर पर तकनीकी या प्रशासनिक गलती हुई है तो उसे सुधारा जाएगा.
अमेठी के जिलाधिकारी ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं. प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि आखिर पंचायत मतदाता सूची तैयार करते समय स्मृति ईरानी का नाम कैसे छूट गय. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी.
किशोरी लाल शर्मा से हार गईं थीं चुनाव
साल 2024 के लोकसभा चुनाव में स्मृति ईरानी को कांग्रेस उम्मीदवार किशोरी लाल शर्मा के हाथों हार का सामना करना पड़ा था. इसके बावजूद वह अमेठी से लगातार जुड़ी हुई हैं और समय-समय पर यहां के कार्यक्रमों में हिस्सा लेती रही हैं.
फिलहाल पूरा मामला प्रशासनिक जांच के दायरे में है. अब देखना होगा कि जांच में नाम गायब होने के पीछे तकनीकी त्रुटि सामने आती है या फिर कोई अन्य वजह निकलकर आती है.
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