शिक्षक भर्ती का विरोध अब BJP दफ्तर तक पहुंचा, लखनऊ में अभ्यर्थियों का प्रदर्शन

UP Teacher Recruitment Protest: उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती का विरोध अब बढ़ता ही जा रहा है. आज यानी गुरुवार को हजारों की संख्‍या में अभ्‍यर्थी लखनऊ स्‍थ‍ित बीजेपी ऑफ‍िस पहुंच गए.
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सड़कों पर उतरे अभ्यर्थी

UP Teacher Recruitment Protest: उत्तर प्रदेश में अब सहायक शिक्षक भर्ती का प्रदर्शन बढ़ता ही जा रहा है. अभ्यर्थियों ने गुरुवार को बीजेपी के प्रदेश कार्यालय में पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया. करीब 50 अभ्यर्थियों ने कार्यालय परिसर में जमीन पर लेटकर नारेबाजी की और सीटी बजाकर अपनी मांगों की ओर ध्यान खींचने की कोशिश की. करीब आधे घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद पुलिस ने अभ्यर्थियों को कार्यालय से बाहर निकाला.

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के सिर पर ‘आरक्षण घोटाला’ लिखी टोपियां थीं. उनके हाथों में तख्तियां भी थीं, जिनके जरिए आरक्षण से जुड़े विवाद को लेकर सवाल उठाए गए. अभ्यर्थियों का कहना है कि 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण व्यवस्था लागू करने के दौरान हुई .कथित विसंगतियों के चलते कई पात्र उम्मीदवार अपने अधिकार से वंचित रह गए.

बीजेपी के पटके पहनकर पहुंचे अभ्यर्थी

अभ्यर्थियों ने गले में बीजेपी के पटके पहन रखे थे. इसी दौरान वे पार्टी कार्यालय के भीतर पहुंच गए. कुछ ही देर में वहां बैठकर और जमीन पर लेटकर प्रदर्शन शुरू कर दिया. अचानक हुए इस प्रदर्शन से कार्यालय परिसर में हलचल बढ़ गई. सुरक्षाकर्मियों और पुलिस ने बाद में सभी प्रदर्शनकारियों को बाहर किया.

कब का है पूरा मामला?

सहायक शिक्षक भर्ती का यह विवाद साल 2018 का है. आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों का दावा है कि आरक्षण के नियमों में कई तरह की विसंगतियां देखने को मिली. यही वजह है कि आरक्षित वर्ग के कई उम्मीदवारों को चयन और नियुक्ति का लाभ नहीं मिल सका है. अभ्यर्थी राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग से जुड़े आदेशों को लागू कराने और लंबित नियुक्तियों का रास्ता साफ करने की मांग कर रहे हैं.

अभ्यर्थी पिछले कई दिनों से लखनऊ के ईको गार्डन में धरना दे रहे हैं. इससे पहले 12 सितंबर को प्रदर्शनकारी उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आवास तक भी पहुंचे थे.

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