कौन हैं पूर्व IFS कृष्ण मोहन? बनाए गए राम मंदिर के नए महासचिव, 22 जुलाई को होगी अगली बैठक
कृष्ण मोहन
Krishna Mohan: अयोध्या के राम मंदिर हुई कथित चंदा चोरी के मामले में आज राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक आयोजित की गई थी. इस बैठक में महासचिव चंपत राय का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया. चंदा चोरी के आरोप लगने के बाद ही चंपत ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. चंपत की जगह फिलहाल के लिए ट्रस्ट ने पूर्व IFS कृष्ण मोहन को महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी है.
महासचिव बनाए जाने के बाद कृष्ण मोहन ने कहा कि मुझे अंतरिम महामंत्री की जिम्मेदारी मिली है. मेरी प्राथमिकता होगी कि जो भी दोषी पाया जाए, उसे सजा मिले. उन्होंने इस बात को भी स्वीकार किया कि पहले प्रबंधन की तरफ से कई कमियां रह गई थीं. जिसके कारण इस तरह की घटनाएं सामने आई हैं.
उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि भविष्य में इस तरह का कुछ भी सामने न आए. यह तय करना हमारी जिम्मेदारी होगी. यदि ट्रस्ट की छवि धूमिल हुई है और समाज में अविश्वास पैदा हुआ है. उसे दूर करने के लिए जो भी जरूरी होगा. हम वह करेंगे.
कौन हैं कृष्ण मोहन?
कृष्ण मोहन संघ से जुड़े हुए नेता माने जाते हैं. वे आरएसएस के कई पदों पर काम कर चुके हैं. इससे पहले इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFS) अधिकारी रह चुके हैं. इस समय कृष्ण मोहन की उम्र 73 साल की है. पिछले साल ही उन्हें राम मंदिर ट्रस्ट का मेंबर बनाया गया था. मोहन मूलरूप से यूपी के हरदोई जिले के रहने वाले हैं.
राम मंदिर चंदा चोरी मामले में ट्रस्ट के कहने पर कृष्ण मोहन ने ही एफआईआर दर्ज कराई थी. उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि मीडिया से निवेदन है, जो सत्य है, वही प्रकाशित करें. यास के अधिकृत लोगों से पूछकर ही प्रकाशित करें.मारे न्यास के प्रति जो अविश्वास की प्रकृति बनी है, उसे दूर किया जाएगा.
22 जुलाई को फिर होगी बैठक
राम मंदिर ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को आयोजित की जाएगी. इस बात की जानकारी ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष की तरफ से ही दी गई है. उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि उस समय तक SIT की फाइनल रिपोर्ट हमारे पास आ जाएगी; हम उस रिपोर्ट पर विचार-विमर्श करने और और ट्रस्टी अपॉइंट करने के लिए 22 तारीख को मिल रहे हैं.