CG News: बोर्ड परीक्षा शुल्क में बढ़ोतरी पर कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना, कहा – गरीब छात्रों पर बढ़ा आर्थिक बोझ

CG News: छत्तीसगढ़ में 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के शुल्क समेत 22 मदों में की गई लगभग दोगुनी बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है.
Board of Secondary Education Chhattisgarh

माध्‍यमिक शिक्षा मंडल छत्तीसगढ़

CG News: छत्तीसगढ़ में 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के शुल्क समेत 22 मदों में की गई लगभग दोगुनी बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है. प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने इस फैसले को शिक्षा विरोधी बताते हुए कहा कि “परीक्षा पर चर्चा” की बात करने वाली भाजपा सरकार ने परीक्षा फीस बढ़ाकर गरीब, एससी और एसटी वर्ग के छात्रों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है.

उन्होंने कहा कि पहले से महंगाई की मार झेल रही जनता पर यह फैसला सीधा असर डाल रहा है. फीस बढ़ने से गरीब और आरक्षित वर्ग के छात्र मानसिक दबाव में आ गए हैं, वहीं अभिभावकों की आर्थिक स्थिति पर भी इसका असर पड़ा है. कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि बोर्ड परीक्षा शुल्क में की गई बढ़ोतरी को तुरंत वापस लिया जाए.

कांग्रेस ने मांगा बढ़ती महंगाई पर सरकार से स्‍पष्टीकरण

कांग्रेस के अनुसार, दसवीं-बारहवीं की नियमित फीस 460 रुपए से बढ़ाकर 800 रुपए कर दी गई है. नामांकन शुल्क 80 से 200 रुपए, अतिरिक्त विषय की फीस 110 से 250 रुपए और सम्पूर्ण विषय शुल्क 1230 से 1600 रुपए कर दिया गया है. इसके अलावा एक विषय की फीस 280 से 500 रुपए, दो विषय की फीस 340 से 600 रुपए, परीक्षा केंद्र परिवर्तन शुल्क 240 से 400 रुपए, स्वाध्यायी विलंब शुल्क 770 से 1000 रुपए और विशेष विलंब शुल्क 1540 से 2000 रुपए तक बढ़ा दिया गया है. कांग्रेस ने इन बढ़ोतरी पर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है.

भाजपा सरकार ने फीस दोगुनी कर दी – कांग्रेस

धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि डबल इंजन सरकार जनता को राहत देने का वादा करती थी, लेकिन अब वही सरकार लोगों के लिए “ट्रबल इंजन” साबित हो रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में जहां विभिन्न योजनाओं के जरिए आम लोगों को राहत दी जाती थी, वहीं अब भाजपा सरकार ने स्कूल फीस दोगुनी कर दी है, बिजली बिल हाफ योजना की 400 यूनिट छूट खत्म कर दी है, जमीन रजिस्ट्री में मिलने वाली 30 प्रतिशत छूट समाप्त कर दी गई है और गाइडलाइन दरों में भी भारी बढ़ोतरी की गई है.

भाजपा सरकार में राज्य की वित्तीय स्थिति कमजोर हुई

उन्होंने यह भी कहा कि पहले कांग्रेस सरकार में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए छात्रों से कोई शुल्क नहीं लिया जाता था, लेकिन अब छात्रों से फीस वसूली जा रही है, जो सरकार की मुनाफाखोरी नीति को दर्शाता है. कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार के आने के बाद राज्य की वित्तीय स्थिति कमजोर हुई है और केंद्र से अपेक्षित आर्थिक मदद नहीं मिल रही है.

मोदी की गारंटी पूरी करने के लिए सरकार कर्ज ले रही है, जिसका असर अब शिक्षा विभाग पर भी दिखाई देने लगा है. कांग्रेस ने दोहराया है कि बोर्ड परीक्षा शुल्क में की गई बढ़ोतरी को तुरंत वापस लिया जाए और छात्रों व अभिभावकों को राहत दी जाए.

ये भी पढे़ं- फैक्ट्रियों में मजदूरों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ पर CG हाई कोर्ट सख्त, फर्जी मेडिकल रिपोर्ट और डॉक्टरों की कमी पर जताई गंभीर चिंता

ज़रूर पढ़ें