MP News: एक ही व्यक्ति ने फर्जी दस्तावेजों से 66 सिम ले लिए, 50 नंबर अभी भी चालू हैं

जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी ने साल 2020 से 2022 के बीच में 66 सिम निकलवाए थे. आरोपी के फ्रॉड का खुलासा डेटा विश्लेषण में हुआ. ये डाटा विश्लेषण एआई की मदद से फेशियल रिकॉग्निशन टूल के जरिए किया गया था.
In Jhabua, a person got 66 SIMs issued using fake documents.

झाबुआ में एक व्यक्ति ने फर्जी दस्तावेज से 66 सिम निकलवा लिए.

MP News: मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में एक हैरान कर देना वाला मामला सामने आया है. यहां एक ही व्यक्ति ने फर्जी दस्तावेज के जरिए 66 सिम नंबर ले लिए. पुलिस जांच में सामने आया है कि फर्जी दस्तावेज के जरिए लिए गए 66 में से 50 सिम अभी भी चालू स्थिति में हैं. मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

रूप’ बदल-बदल कर लिए 66 सिम

पूरा मामला झाबुआ जिले के रायपुरिया क्षेत्र का है. पुलिस का कहना है कि आरोपी पुरुषोत्तम पाटीदार ने रूप बदल-बदल कर फर्जी दस्तावेज बनवाए. फिर इन्हीं फर्जी दस्तावेजों से एक-एक करके 66 सिम निकलवा लिए. आरोपी ने एक सिम एजेंट की मदद से ये फ्रॉड किया है. बिना किसी समस्या के आरोपी इन नंबरों का इस्तेमाल भी करता रहा. हालांकि मौजूदा समय में अभी 50 सिम ही चल रहे हैं.

साल 2020 से 2022 के बीच में 66 सिम निकलवा लिए

जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी ने साल 2020 से 2022 के बीच में 66 सिम निकलवाए थे. आरोपी के फ्रॉड का खुलासा डेटा विश्लेषण में हुआ. ये डाटा विश्लेषण एआई की मदद से फेशियल रिकॉग्निशन टूल के जरिए किया गया था. आरोपी का फोटो एक ही था लेकिन उसने कई फर्जी दस्तावेज बनवा लिए. इनमें अलग-अलग नाम के कई आधार कार्ड बनवाए. फिर इन्हीं आधार कार्डों की मदद से अलग-अलग सिम कार्ड निकलवा लिए.

पुलिस कर रही है जांच

रायपुरिया पुलिस का कहना है कि ज्यादा पैसे कमाने के चक्कर में आरोपी पुरुषोत्तम पाटीदार ने एक ही फोटो पर अलग-अलग नाम से कई आधार कार्ड बनवा लिए. इस काम में सिम एजेंट योगेश पाटीदार भी शामिल है. पुलिस ने पुरुषोत्तम और योगेश दोनों पर केस दर्ज कर लिया है. जिसमें मुख्य आरोपी पुरुषोत्तम पाटीदार की गिरफ्तारी हो चुकी है. जबकि दूसरा आरोपी पुलिस की गिरफ्तार से दूर है. वहीं पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है, कि इस सिम कार्ड के खेल में और कितने लोग शामिल हैं.

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