CM की घोषणा के 2 साल बाद भी नहीं बना पुल; नदी पार करने के लिए 15 किमी का सफर; डिंडोरी में ग्रामीण बोले- आंदोलन करेंगे

दो साल पहले प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने लाड़ली बहना आभार कार्यक्रम के दौरान बछरगांव से गाड़ासरई के बीच पुल निर्माण की घोषणा की थी, लेकिन आज तक काम शुरू नहीं हो सका, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है.
Due to lack of bridge construction in Singrauli, one has to travel 15 kilometers to cross the river.

सिंगरोली में पुल निर्माण ना होने से नदी पार करने के लिए 15 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा है.

Input- अनिल साहू

MP News: मध्यप्रदेश के आदिवासी बाहुल्य डिंडोरी जिले में बजाग विकासखंड क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बछरगांव और करौंदा समेत कई गांवों के ग्रामीण चकरार नदी में पुल न बनने से नाराज हैं. ग्रामीणों के द्वारा चकरार नदी पर पुल निर्माण की मांग पिछले कई सालों से की जा रही है, लेकिन आज तक यह मांग अधूरी है.

15 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है

बच्छरगांव और करौदा समेत दर्जनों ऐसे गांव हैं, जो कि रोजमर्रा के छोटे-बड़े काम समेत व्यवसायिक केंद्र गाड़ासरई पर निर्भर हैं. ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल हो या स्कूल तमाम सुविधाओं के लिए गाड़ासरई कस्बे पर ही निर्भर होना पड़ता है. लेकिन चकरार नदी में पुल न होने के कारण उन्हें काफी परेशानी होती है. खासकर बारिश के दिनों में स्थिति और खराब हो जाती है. स्कूली बच्चों, गर्भवती महिलाओं और मरीजों को गाड़ासरई जाने के लिए करीब 15 किमी का लम्बा सफर तय करना पड़ता है, जबकि बछरगांव से गाड़ासरई की दूरी महज एक किमी है. लेकिन पुल ना बनने से ग्रामीण आक्रोश में हैं. लंबे समय से मांग और घोषणा के बावजूद काम शुरू न होने से अब ग्रामीणों ने आंदोलन का मन बना लिया है.

पुल निर्माण के लिए CM ने की थी घोषणा

गौरतलब है कि दो साल पहले प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने लाड़ली बहना आभार कार्यक्रम के दौरान बछरगांव से गाड़ासरई के बीच पुल निर्माण की घोषणा की थी, लेकिन आज तक काम शुरू नहीं हो सका, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है. वहीं इस पूरे मामले में जिला कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द उचित कार्रवाई का भरोसा जताया है.

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