कोल लेवी घोटाले में हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, आरोपी सूर्यकांत तिवारी के ड्राइवर की जमानत याचिका खारिज
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट
CG Coal Levy Scam: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल लेवी घोटाला मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. उच्च न्यायालय ने मुख्य आरोपी सूर्यकांत तिवारी के ड्राइवर नारायण साहू की जमानत याचिका को रद्द कर दिया है. जांच एजेंसियों ने ड्राइवर को कोल सिंडिकेट के सदस्य के तौर पर चिह्नित किया था. इसके बाद कोर्ट ने उसे राहत देने से इनकार कर दिया.
डायरी से हुआ खुलासा
जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने माना कि नारायण साहू केवल ड्राइवर नहीं हैं, वह अवैध कोल लेवी कलेक्शन गिरोह का एक्टिव मेंबर था. अदालत ने कहा कि जमानत देने से ड्राइवर प्रकरण को प्रभावित कर सकता है. इनकम टैक्स विभाग ने 30 जून 2022 को आरोपी सूर्यकांत तिवारी और उसके सहयोगियों के ठिकानों पर छापे मारने की कार्रवाई की थी. इस दौरान कई डायरियां हाथ लगी थीं.
इन डायरियों में ‘नारायण’ नाम से कई संदिग्ध एंट्रियां मिलीं. जब बारीकी से जांच की गई तो 13 करोड़ रुपये की अवैध वसूली का मामला सामने आया. इन्हें नारायण साहू के द्वारा किया जा रहा था.
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35 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज
इस पूरे मामले की शिकायत मनी लॉन्ड्रिंग प्रिवेंशन एक्ट 2002 की धारा 66 के दर्ज किया गया. EOW और ACB ने कार्रवाई करते हुए सौम्या चौरसिया, रानू साहू, समीर बिश्नोई, सूर्यकांत तिवारी और नारायण साहू के खिलाफ मामला दर्ज किया गया. कुल मिलाकर 35 लोगों को आरोपी बनाया गया. सभी पर करप्शन, अवैध वसूली एवं मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मामला दर्ज किया गया.